फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से अंतरराष्ट्रीय फलक पर पहुंची हिंदीः डॉ. गंगा सहाय

Sat, 05 Sep 2020 12:16 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
पीयू हिंदी विभाग के वेब संवाद में शामिल विशेषज्ञ। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

पीयू के हिंदी विभाग की ओर से चलाए जा रहे हिंदी महोत्सव में शुक्रवार को ‘सूचना प्रौद्योगिकी की दुनिया में हिंदी विषय’ पर वेब संवाद हुआ। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के डॉ. गंगा सहाय मीणा ने कहा कि सूचनाओं और मनोरंजन की भाषा कही जाती हिंदी को अब ज्ञान की भाषा बनाना जरूरी है। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी को अपनाना ही एकमात्र विकल्प है। इससे पहले विभाग अध्यक्ष डॉ. गुरमीत सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।

विज्ञापन


डॉ. मीणा ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रयोग की जा रही हिंदी में अभी भले ही एकरूपता नहीं है, लेकिन फिर भी इसके माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर हिंदी जन-जन तक पहुंची है। सूचना प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयामों को लेकर हिंदी समाज में जागरूकता की कमी है इसलिए इस दिशा में विशेष प्रयास करने की जरूरत है। एक दशक से हिंदी में भी विंडोज आने लगे हैं और लिनक्स ऑपरेटिंग में शुरू से हिंदी आपको मिलेगी।

हिंदी की उन्नति के बारे में उन्होंने कहा कि एटीएम में हम खुद ही हिंदी नहीं चुनते, फोन में भी हम हिंदी नहीं चुनते हैं और दिल्ली के नेहरू प्लेस जैसे स्थान जहां ऑपरेटिंग सिस्टम खूब मिलते हैं। वहां भी अगर हिंदी ऑपरेटिंग सिस्टम मांगेंगे तो वे कहेंगे कि ऐसे ग्राहक साल भर में एक-दो ही आते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

‘अनुवाद का संसार और हिंदी’ विषय पर व्याख्यान 11 को

व्याख्यान के बाद प्रश्न-उत्तर का सत्र भी हुआ। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से शोधार्थी एवं प्राध्यापकों ने हिस्सा लिया। विभागाध्यक्ष डॉ. गुरमीत सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि इस वर्ष हिंदी माह उत्सव में विशेष तौर पर ऑनलाइन माध्यम का लाभ उठाकर देश के विभिन्न हिस्सों के विद्वानों को जोड़ने की कोशिश की गई है ताकि हमारे विद्यार्थी हिंदी की व्यापक पहुंच से अवगत हो सकें। इस कड़ी में अगला व्याख्यान 11 सितंबर को ‘अनुवाद का संसार और हिंदी’ विषय पर होगा। इस व्याख्यान में केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो, नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक विनोद संदलेश मुख्य वक्ता होंगे।

‘हिंदी-उर्दू-पंजाबी की साझा विरासत’ पर विचार रखेंगे गीतकार डॉ. इरशाद
14 सितंबर को हिंदी दिवस पर इस एक माह के उत्सव का समापन कार्यक्रम होगा। इसमें प्रसिद्ध गीतकार और हिंदी विभाग के पूर्व छात्र डॉ. इरशाद कामिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वह ‘हिंदी-उर्दू-पंजाबी की साझा विरासत’ पर अपनी बात रखेंगे। आज के कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से 50 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें विभाग के प्रो. सत्यपाल सहगल, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से डॉ. मंजू पुरी, प्रयागराज से डॉ. ज्ञानेन्द्र शुक्ल और प्रशांत मिश्रा शामिल रहे।

14 को घोषित होंगे ‘हिंदी हैं हम’ कविता लेखन के नतीजे
इस हिंदी माह उत्सव में 6 विशेष व्याख्यानों के अलावा ‘हिंदी हैं हम’ नाम से कविता लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें अंतिम तिथि तक 115 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं। इस प्रतियोगिता के नतीजे 14 सितंबर के कार्यक्रम में घोषित होंगे। इसके साथ ही विभाग के फेसबुक अकाउंट के माध्यम से कविता वाचन शृंखला भी शुरू की गई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें