जीवन में कितनी भी बुलंदियां हासिल कर लो, चाहे जिस भी मुकाम पर पहुंच जाओ, मगर अपनी सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों को हमेशा याद रखो ताकि सफलता जब आपके कदम चूम रही हो तब आपको अपनी विरासत, संस्कारों को पीछे छोड़ने का दुख न हो। इस दौरान विशिष्ट अतिथि पारस कौशिक, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सरदार सतनाम सिंह संधू, वाइस चांसलर डॉ. आरएस बावा और रजिस्ट्रार डॉ. सतवीर सिंह सहगल भी मौजूद रहे।
विविधता में एकता के दिखे रंग
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का स्वागत विद्यार्थियों ने कैंपस में गर्मजोशी से किया। विद्यार्थी अपने-अपने राज्य के पारंपरिक परिधानों में सजे हुए थे। देश के कई राज्यों के छात्रों ने हाथ में तिरंगा तो मैक्सिको व नेपाल के छात्रों ने अपना राष्ट्रीय झंडा पकड़ा हुआ था। मुख्यमंत्री के पहुंचने पर उन्होंने इसे लहराते हुए अभिवादन किया।
हिमाचल प्रदेश के छात्र हरी, मैरून व कुल्लवी टोपियां पहने हुए थे। यूनिवर्सिटी के प्रांगण में सीएम के आगमन पर विभिन्न राज्यों की सभ्यता, विरासत, लोक नृत्य, लोक गान, कला और संस्कृति से संबंधित नृत्य भी विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए। सबसे पहले हिमाचली नाटी, फिर नेपाली डांस, मैक्सिको डांस और अंत में भांगड़ा हुआ।
जोश, जुनून के बिना हासिल नहीं कर सकते लक्ष्य: जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विद्यार्थियों से अभिभावकों के प्रति सममान और समर्पण भाव रखने आह्वान किया। ठाकुर ने कहा कि जोश, जुनून के बिना लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने बहुत कम समय में मेहनत, जोश और जुनून के दम पर ही यह मुकाम हासिल किया है। प्रतिस्पर्धा के दौर में आगे वही बढ़ सकते हैं, जिनमें जुनून हो।
यूनिवर्सिटी के 600 से अधिक पेटेंट व 94 स्टार्टअप राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान हैं। डिग्री पाने वाले छात्र अपनी सफलता में अभिभावकों व शिक्षकों का योगदान कभी न भूलें। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए गलत राह न चुनें। अच्छे कार्य करने पर जीवन भर सराहा जाएगा। अपने देश में सबसे अच्छा है, ये सोच विकसित करें।
जयराम ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें तो दीक्षांत समारोह में गाउन पहनकर डिग्री लेने का सौभाग्य नहीं मिला, लेकिन डिग्री प्रदान कर भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। वह रोजाना 9 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचते थे और फिर घर पहुंचने के लिए 8 किलोमीटर तय करने पड़ते थे। वर्तमान में परिस्थितियां वैसी नहीं हैं।
किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं सीएए
जयराम ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नागरिकता संशोधन कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं है, इससे सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। कुछ राजनीतिक दल स्वार्थ के लिए जनता को बरगला रहे हैं। दिल्ली चुनाव के बाद शाहीन बाग में जमा लोग भी नहीं दिखेंगे। विश्वविद्यालयों में विवाद और दंगे होना देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। चुनाव के समय बढ़ रही हिंसा को नेता बढ़ावा दे रहे हैं। राजनितिक हितों को साधने के लिए कई बार युवा पीढ़ी को आधार बना लिया जाता है, जो नहीं होना चाहिए।
नए हिमाचल के निर्माण में यूनिवर्सिटी देगी हर क्षेत्र में साथ: सतनाम सिंह
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर स. सतनाम सिंह संधू ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कैंपस में आने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि नवीन हिमाचल के निर्माण में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी हर क्षेत्र में साथ देगी। वर्तमान दौर में अपनी सभ्यता-संस्कृति से टूट रही युवा पीढ़ी को विरासत से जोड़ने के लिए वे भरसक प्रयास कर रहे हैं। इसलिए ही ग्रेजुएशन सेरेमनी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से देश की सभ्यता से रूबरू करवाने का प्रयास किया गया।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. आरएस बावा ने कहा कि ग्रेजुएशन सेरेमनी न केवल विद्यार्थियों, बल्कि यूनिवर्सिटी के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में परिश्रम और धैर्य के साथ आगे बढ़कर अपने लक्ष्य हासिल करें।