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चंडीगढ़ में पानी के बढ़े दामों पर मार्च 2022 तक रोक

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चंडीगढ़। यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शहरवासियों को बड़ी राहत देते हुए पानी के बढ़े दामों पर मार्च 2022 तक रोक लगा दी है। साथ ही 11 सितंबर 2020 से पहले के दामों को ही लागू कर दिया है। प्रशासक का कहना है कि कोरोना महामारी की वजह से शहर के लोग काफी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, इसलिए ये राहत दी गई है।
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बता दें कि शहर की सभी राजनीतिक पार्टियाें, पार्षदों और आम लोगों की तरफ से लगातार पानी के दामों को कम करने की मांग की जा रही थी। प्रशासक के इस फैसले के बाद अब लोगों को पुराने दाम पर ही पानी के बिल भेजे जाएंगे। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि जिन लोग सितंबर में बढ़े दाम के आधार पर अब तक बढ़ा बिल जमा कर चुके हैं, उनके पानी के बिल कैसे समायोजित किए जाएंगे।
प्रशासन की तरफ से अगले एक से दो दिनों में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया जाएगा। बता दें कि अमर उजाला ने अपने 21 मई के अंक में ही बता दिया था कि प्रशासक अगले कुछ दिनों में पानी के मुद्दे पर बड़ी घोषणा कर सकते हैं और सोमवार को उन्होंने बढ़े दाम पर रोक लगा दी। इस संबंध में प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने बताया कि पानी की बढ़ी दरों पर रोक लगा दी गई है, जिसके चलते लोगों से पुराने दाम ही लिए जाएंगे।
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दाम कम कराना बन गया था भाजपा की नाक का सवाल, कांग्रेसी भी कर रहे थे धरना प्रदर्शन
शहर में पानी के बढ़े दाम को कम कराना भाजपा की नाक का सवाल बन चुका था। प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस व कई सामाजिक संगठन पानी के बढ़े दाम पर लगातार भाजपा को घेरने में जुटे थे। कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता लगातार शहर में अलग-अलग जगहों पर इसके लिए धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। बीते दिनों प्रदेश भाजपा के नेताओं ने पानी के मुद्दे पर मुलाकात भी की थी। 11 सितंबर 2020 को प्रशासन ने कैटेगरी के हिसाब से 50 से 200 प्रतिशत पानी के दाम में बढ़ोतरी कर दी थी। इससे भाजपा को लोगों की काफी नाराजगी झेलनी पड़ी। प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कई सार्वजनिक मंचों से कहा कि वह पानी के दाम कर कम करवा कर रहेंगे।
घरेलू दरों में ये होंगे दाम
स्लैब पहले ये थे अब ये देने होंगे
0 -15 यूनिट तीन रुपये (किलोलीटर) दो रुपये
16-30 छह रुपये चार रुपये
31 से 60 12 रुपये छह रुपये
60 से ऊपर 24 रुपये आठ रुपये
कर्मिशयल, इंडस्ट्रियल, इंस्टीट्यूशनल के लिए
पहले अब
25-30 रुपये प्रति किलोलीटर 12-15 किलोलीटर
कोट
कोरोना महामारी की वजह से शहर के लोग काफी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, इसलिए ये राहत दी गई है। इसके अलावा शहर की सभी राजनीतिक पार्टियों, पार्षदों और लोगों की तरफ से भी पानी के दाम कम करने की मांग की जा रही थी।
-वीपी सिंह बदनौर, यूटी प्रशासक
कोट
पानी के दाम कम करने पर प्रशासक को धन्यवाद देता हूं। देर से सही उन्होंने कांग्रेस की आवाज तो सुनी। पानी के बढ़े दाम से जनता पीड़ित थी। पानी के दाम कम कराने का कांग्रेस ने संकल्प लिया था।
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-देवेंद्र सिंह बबला, पार्षद कांग्रेस
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