हुड्डा ने ह्यूमन राइट की रिपोर्ट पढ़ते हुए कहा कि हमें इस बात पर ऐतराज है कि ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि ऑक्सीजन की कमी से गुरुग्राम, हिसार और रेवाड़ी में मरीजों की मौत के मामले सामने आए थे। सरकार ने इसकी मजिस्ट्रेट और डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा जांच कराई है। जांच में गुरुग्राम और रेवाड़ी में ऐसे तथ्य नहीं मिले जबकि हिसार के एक निजी अस्पताल में मरीजों की मौत के मामले में अस्पताल की लापरवाही सामने आई है। इस मामले को एसपी हिसार को सौंपा जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजिस्ट्रेट, डॉक्टरों और ह्यूमन राइट कमीशन की रिपोर्ट का अध्यन करेंगे, इसके बाद आगामी कार्रवाई होगी लेकिन कांग्रेसी इस पर भी नहीं माने। बाद में सीएम ने इस मामले की जांच उच्च स्तरीय कमेटी से कराने की बात कही। सदन में शून्य काल को लेकर भी हंगामे की स्थिति रही। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ये कहते रहे कि शून्यकाल में कोई भी सदस्य मुद्दा उठा सकता है लेकिन इसका जवाब जरूरी नहीं है।
कमल गुप्ता ने रखे आंकड़े, हरियाणा ने बेहतर काम किया
भाजपा विधायक डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि विश्व और अमेरिका के मुकाबले हरियाणा की मृत्यु दर और संक्रमण दर काफी कम रही है। विश्व की 89, अमेरिका की 79 और हरियाणा की 98 प्रतिशत रिकवरी दर रही है। इसी प्रकार, मौत के मामलों में प्रति 10 लाख लोगों पर विश्व में 563, अमेरिका में 1917 और हरियाणा में 330 की मौत हुई है। मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि हरियाणा में कोविड से कुछ 13 हजार मौत हुई हैं। इसमें से हरियाणा के निवासी 9500 हैं, जबकि अन्य दूसरे प्रदेशों के रहने वाले हैं लेकिन ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत का मामला सामने नहीं आया है।
सदन में एकजुट दिखी कांग्रेस
गुटबाजी में बंटी कांग्रेस इस बार सदन में एकजुट दिखी। पूरे शून्यकाल में कांग्रेस के विधायक सत्ता पक्ष पर हावी रहे। हंगामे के बीच खुद किरण चौधरी अपनी सीट से उठकर नेता प्रतिपक्ष हुड्डा के पास पहुंची और कुछ तथ्य बताए। कांग्रेस ने तीन कृषि कानूनों को लेकर ध्यानाकार्षण प्रस्ताव दिया। कांग्रेस की मांग थी कि इस मुददे पर सदन में चर्चा हो लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में होने के कारण स्पीकर ने चर्चा के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायक किरण चौधरी, गीता भुक्कल और रघुबीर कादियान समेत अन्य विधायक वेल में पहुंच गए और बाद में सदन से वाकआउट कर गए।