फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सदन का दूसरा दिन: ऑक्सीजन की कमी से मौत के मामलों में सदन में फिर हंगामा, किसानों के मुद्दे पर वॉकआउट

Mon, 23 Aug 2021 05:11 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सोमवार को नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सदन में अखबारों की कटिंग दिखाकर पूछा कि ऑक्सीजन की कमी से कितने लोगों की मौत हुई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अखबारों की कटिंग से सदन नहीं चलते, सदन तथ्य पर चलता है।
विज्ञापन
विधानसभा में मनोहर लाल और भूपेंद्र हुड्डा आमने सामने। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से मौत के मामलों को लेकर सदन में फिर जमकर हंगामा हुआ। शून्यकाल में मौत के आंकड़ों लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा में तीखी बहस हुई। हुड्डा ने कहा कि सरकार मौत के आंकड़े छिपा रही है, सदन को गुमराह किया जा रहा है, जो गलत है। ऐसे कैसे हो सकता है कि पूरी दुनिया और देश में ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई है, हरियाणा में नहीं। इसके जवाब में मुख्यमंत्री मनोहर लाल कहा कि वे इस पर कल स्टेटमेंट देंगे लेकिन बहस बढ़ती गई। अंत में मुख्यमंत्री ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया। जांच के बाद जिसकी लापरवाही होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन


सोमवार को शून्यकाल शुरू होते ही अंबाला से भाजपा विधायक असीम गोयल ने कांग्रेस द्वारा बच्चे को प्रदर्शन में शामिल करने का मामला उठाना शुरू किया तो कांग्रेसियों ने हंगामा शुरू कर दिया। गोयल अपनी बात रख पाते इससे पहले ही हुड्डा ने ऑक्सीजन की कमी का मुद्दा उठा दिया। शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर ने पलटवार करते हुए कहा कि बच्चे का मुद्दा ही ज्वलंत मुददा है लेकिन कांग्रेसी सीटों से खड़े होकर विरोध करने लगे।
 
हुड्डा बोले- सीएम हां या ना में जवाब दें या अपना वक्तव्य वापस लें
इसी बीच सदन को मीडिया रिपोर्ट दिखाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब रिपोर्ट कह रही है कि मौत हुई है तो सरकार मान क्यों नहीं रही। हमें इसका जवाब चाहिए। काफी देर हंगामे के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसका जवाब देना शुरू किया लेकिन हुड्डा इस बात पर अड़ गए कि हां या ना में जवाब दें, या फिर अपना वक्तव्य वापस लें। हंगामे के बीच डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने भी कहा कि हिसार में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी लेकिन इसे कांग्रेस ने सिरे से खारिज कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

ह्यूमन राइट कमीशन की रिपोर्ट का अध्यन करेंगे: सीएम

हुड्डा ने ह्यूमन राइट की रिपोर्ट पढ़ते हुए कहा कि हमें इस बात पर ऐतराज है कि ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि ऑक्सीजन की कमी से गुरुग्राम, हिसार और रेवाड़ी में मरीजों की मौत के मामले सामने आए थे। सरकार ने इसकी मजिस्ट्रेट और डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा जांच कराई है। जांच में गुरुग्राम और रेवाड़ी में ऐसे तथ्य नहीं मिले जबकि हिसार के एक निजी अस्पताल में मरीजों की मौत के मामले में अस्पताल की लापरवाही सामने आई है। इस मामले को एसपी हिसार को सौंपा जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मजिस्ट्रेट, डॉक्टरों और ह्यूमन राइट कमीशन की रिपोर्ट का अध्यन करेंगे, इसके बाद आगामी कार्रवाई होगी लेकिन कांग्रेसी इस पर भी नहीं माने। बाद में सीएम ने इस मामले की जांच उच्च स्तरीय कमेटी से कराने की बात कही। सदन में शून्य काल को लेकर भी हंगामे की स्थिति रही। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ये कहते रहे कि शून्यकाल में कोई भी सदस्य मुद्दा उठा सकता है लेकिन इसका जवाब जरूरी नहीं है।

कमल गुप्ता ने रखे आंकड़े, हरियाणा ने बेहतर काम किया
भाजपा विधायक डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि विश्व और अमेरिका के मुकाबले हरियाणा की मृत्यु दर और संक्रमण दर काफी कम रही है। विश्व की 89, अमेरिका की 79 और हरियाणा की 98 प्रतिशत रिकवरी दर रही है। इसी प्रकार, मौत के मामलों में प्रति 10 लाख लोगों पर विश्व में 563, अमेरिका में 1917 और हरियाणा में 330 की मौत हुई है। मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि हरियाणा में कोविड से कुछ 13 हजार मौत हुई हैं। इसमें से हरियाणा के निवासी 9500 हैं, जबकि अन्य दूसरे प्रदेशों के रहने वाले हैं लेकिन ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत का मामला सामने नहीं आया है।  

सदन में एकजुट दिखी कांग्रेस
गुटबाजी में बंटी कांग्रेस इस बार सदन में एकजुट दिखी। पूरे शून्यकाल में कांग्रेस के विधायक सत्ता पक्ष पर हावी रहे। हंगामे के बीच खुद किरण चौधरी अपनी सीट से उठकर नेता प्रतिपक्ष हुड्डा के पास पहुंची और कुछ तथ्य बताए। कांग्रेस ने तीन कृषि कानूनों को लेकर ध्यानाकार्षण प्रस्ताव दिया। कांग्रेस की मांग थी कि इस मुददे पर सदन में चर्चा हो लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में होने के कारण स्पीकर ने चर्चा के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायक किरण चौधरी, गीता भुक्कल और रघुबीर कादियान समेत अन्य विधायक वेल में पहुंच गए और बाद में सदन से वाकआउट कर गए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें