हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सैनेटरी इंस्पेक्टर के 50 पदों के लिए आवेदन मांगा था। विज्ञापन के अनुसार इन पदों के लिए अनिवार्य योग्यता सैनेटरी में डिप्लोमा की थी। भर्ती के दौरान याचिकाकर्ता को पता चला कि आयोग इस भर्ती में सिविल इंजीनियरिंग वालों के आवेदन पर भी विचार कर रही है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व कर्मचारी चयन आयोग को बड़ा झटका देते हुए सैनेटरी इंस्पेक्टर की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार को अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए कैथल निवासी जितेंद्र कुमार ने एडवोकेट राजेश हुड्डा के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सैनेटरी इंस्पेक्टर के 50 पदों के लिए आवेदन मांगा था। विज्ञापन के अनुसार इन पदों के लिए अनिवार्य योग्यता सैनेटरी में डिप्लोमा की थी। भर्ती के दौरान याचिकाकर्ता को पता चला कि आयोग इस भर्ती में सिविल इंजीनियरिंग वालों के आवेदन पर भी विचार कर रही है।
याची ने कहा कि बिना डिप्लोमा के सिविल इंजीनियर डिग्री धारकों को इस पद के लिए योग्य नहीं माना जा सकता। साथ ही कहा कि विज्ञापन जारी होने के बाद योग्यता मानकों में परिवर्तन नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट के नोटिस के जवाब में आयोग ने बताया कि जिन लोगों ने सैनेटरी में ब्रिज कोर्स कट ऑफ से पहले किया है उनके आवेदन पर विचार किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने इसपर अब भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है और याचिकाकर्ता की आपत्तियों को लेकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।