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Haryana: करनाल के कांग्रेस उम्मीदवार दिव्यांशु बुद्धिराजा को हाईकोर्ट से राहत, FIR में आगे कार्रवाई पर रोक

Tue, 07 May 2024 01:11 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अदालत ने हरियाणा सरकार व अन्य को नोटिस जारी किया है। पंचकूला में दर्ज एफआईआर व भगोड़ा घोषित करने के आदेश को रद्द करने की याचिका मेंं मांग थी।
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दिव्यांशु बुद्धिराजा को कोर्ट से राहत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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करनाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी व हरियाणा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचकूला में दर्ज एफआईआर व इस मामले में भगोड़ा घोषित करने को चुनौती देने वाली याचिका पर हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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इसके साथ ही इस एफआईआर व इसमें आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। बुद्धिराजा ने याचिका दाखिल करते हुए पंचकूला में दर्ज एफआईआर व इस संबंध में उसे भगोड़ा घोषित करने के पंचकूला की अदालत के आदेश को रद्द करने की मांग की थी। याची ने बताया कि उसे भगोड़ा घोषित करते हुए तय प्रक्रिया का पालन नहींं किया गया।
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उसके खिलाफ वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री रहे मनोहर लाल का विरोध करने पर एफआईआर दर्ज की गई थी। पंचकूला नगर निगम प्रशासक रहे राजेश जोगपाल की शिकायत पर हरियाणा संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1989 के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया था कि यह देखा गया है कि एनएसयूआई ने पंचकूला के अधिकांश चौराहे पर कई फ्लेक्स साइन बोर्ड/होर्डिंग्स लगाए हैं। इन साइन बोर्डों के लिए निगम से कोई अनुमति नहीं मांगी गई है।

बुद्धिराजा के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की एफआईआर में केस की सुनवाई के दौरान वह पेश नहीं हुए थे। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर तीन जनवरी 2024 को पंचकूला सेक्टर 14 के पुलिस थाना में धारा 174ए के तहत मामला दर्ज किया गया। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने बुद्धिराजा की याचिका को खारिज कर दिया था लेकिन बुद्धिराजा के वकील ने दोबारा हाईकोर्ट से आग्रह किया और बताया था कि वह करनाल लोक सभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।

वह जल्द ही ट्रायल कोर्ट में समर्पण कर देंगे, इसलिए कोई फैसला न सुनाया जाए। इस अनुरोध पर हाईकोर्ट ने सुनवाई सात मई तक स्थगित कर दी थी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान याची पक्ष ने बताया कि उन्होंने पंचकूला की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था और वहां से उन्हें जमानत मिल चुकी है।

अभी फिलहाल वह लोकसभा चुनाव में करनाल से प्रत्याशी हैं और ऐसे में इस मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगाई जानी चाहिए। इसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने अब एफआईआर व उससे जुड़ी कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है।
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