गुरुग्राम एयरफोर्स स्टेशन के 1000 गज दायरे में भूमि अधिग्रहण की 34 साल पहले की गई अधिसूचना को लेकर किसी भी प्रकार के दखल से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। अपने फैसले में अदालत ने कहा कि यह अधिग्रहण सैन्य क्षेत्र के भीतर आता है और इसे निर्माण से मुक्त रखा जाना चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता की किसी भी प्रकार अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे में इसे हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम नगर निगम के भीतर एयर फोर्स स्टेशन के 1000 गज के दायरे में भूमि अधिग्रहण को लेकर नौ मई 1988 व 4 मई 1989 को अधिसूचना जारी की थी। गुरुग्राम निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल इंद्र सिंह कल्लन समेत कई आईएएस व आईपीएस अधिकारियों ने अधिसूचना को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी।
याचिका में कहा गया था कि यह भूमि सैन्य क्षेत्र में आती है और इसका अधिग्रहण नहीं किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि रक्षा अधिनियम के प्रावधान को स्थानीय कानूनों या कार्यकारी नीतियों की तुलना में अधिक प्रभाव दिया जाना आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि यदि सैन्य क्षेत्र या संवेदनशील क्षेत्र पर निर्माण किया गया है तो वह रक्षा अधिनियम में वैधानिक प्रावधानों के के खिलाफ होगा। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और याचिका दायर करने पर 50000 रुपये का जुर्माना लगाया है।