याची वन विभाग में 2004 में फॉरेस्टर नियुक्त हुए थे। इसके बाद वे डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर बने। 2001 में अनुकंपा के आधार पर फॉरेस्ट गार्ड नियुक्त हुए दो लोगों ने उच्च शिक्षा का हवाला देते हुए नियुक्ति की तिथि से उच्च पद देने की मांग कर दी। विभाग ने उनकी नियुक्ति की तिथि से 2020 में उन्हें उच्च पद दे दिया।
अनुकंपा के आधार पर दो दशक पहले नौकरी पाने वालों का अब 20 साल बाद नियुक्ति की तिथि से पद बढ़ाने को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने हरियाणा के मुख्य सचिव को वन विभाग के तत्कालीन एसीएस से स्पष्टीकरण मांगने और फिर कानून के अनुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया है। वहीं, मामले में की गई कार्रवाई का ब्योरा तीन माह में सरकार को सौंपने को कहा।
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याचिका दाखिल करते हुए अनिल कुमार व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि वे वन विभाग में 2004 में फॉरेस्टर नियुक्त हुए थे। इसके बाद डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर 2015 से 2019 के बीच बने। इसी बीच 2001 में अनुकंपा के आधार पर फॉरेस्ट गार्ड नियुक्त हुए दो लोगों ने उच्च शिक्षा का हवाला देते हुए नियुक्ति की तिथि से उच्च पद देने की मांग कर दी। विभाग ने उनकी नियुक्ति की तिथि से 2020 में उन्हें फॉरेस्टर का उच्च पद दे दिया। 2021 में फॉरेस्टर की वरिष्ठता सूची दोबारा तैयार कर इन दोनों को डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर बना दिया गया।
याची ने बताया कि कई वर्षों से जो उनके जूनियर थे उन्हें अब वरिष्ठता सूची में ऊंचा स्थान दे दिया गया है। हाईकोर्ट ने पाया कि इस मामले में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की तिथि से उच्च पद के दावे सरकार खारिज कर चुकी है। अदालतों में भी इस तरह के दावों का सरकार की ओर से विरोध किया गया। हाईकोर्ट के एक इसी प्रकार के आदेश के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट भी जा चुकी है। इन दोनों कर्मियों के मामले में सरकार ने अलग रुख अपनाया है और वह भी नियुक्ति के दो दशक बाद। यह आदेश एक एसीएस स्तर के अधिकारी द्वारा लिया गया है जो संदेहास्पद है। इस आदेश ने न केवल अनावश्यक अदालती विवाद को जन्म दिया बल्कि पूरी वरिष्ठता सूची को प्रभावित कर दिया है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में आदेश जारी करने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय करना बेहद जरूरी है। हाईकोर्ट ने अब मुख्य सचिव को आदेश दिया कि वह वन विभाग के तत्कालीन एसीएस से स्पष्टीकरण मांगे कि आखिर किन परिस्थितियों में कानून की अवहेलना करते हुए मनमाना व अवैध आदेश जारी किया गया।