हरियाणा के पुन्हाना में मनरेगा में फर्जी जॉब कार्ड बनाकर जेसीबी से काम करवाने का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामला घीरा ग्राम पंचायत से जुड़ा हुआ है, जिसको लेकर जाकिर ने एडवोकेट मोहम्मद खालिद के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव के बाद से ही जनता के पैसे को सरपंच अन्य अधिकारियों की मदद से अपनी जेब में डाल रहा है। काम केवल कागजों पर हो रहा है और उसका पैसा हड़पा जा रहा है। स्कूल में मिट्टी डालने का काम हो या फिर लिंक रोड का काम, मनरेगा के तहत फर्जी जॉब कार्ड जारी किए गए और फर्जी तरीके से बैंक अकाउंट खोल कर इससे लाखों रुपये निकाले गए।
याची ने बताया कि इस बारे में दी गई शिकायत के बाद बीडीपीओ ने सरपंच को बार-बार बुलाया लेकिन वह पेश नहीं हुए। इसके बाद एसडीएम ने जिला परिषद के सीईओ को जांच के लिए कहा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बाद में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और चालान भी पेश किया गया। लेकिन सरपंच को जमानत मिल गई।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि इसके बाद से सरपंच से रिकवरी करने का प्रयास तक नहीं किया गया। याची ने कहा कि इस मामले में पंचायती राज एक्ट के तहत जांच होनी चाहिए थी, जो नहीं की गई है। ऐसे में हाईकोर्ट से इसके लिए निर्देश जारी करने की अपील की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है।