एक मुस्लिम व्यक्ति को दूसरी शादी के बाद सुरक्षा के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करना भारी पड़ गया। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुरक्षा से इनकार करते हुए याचिका खारिज करने के साथ एक लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। फैसले को खंडपीठ में चुनौती दी गई।