भ्रष्टाचार के मामले में फंसे पंजाब के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की नियमित जमानत की मांग पर सभी पक्षों को सुनने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। इससे पहले लुधियाना की ट्रायल कोर्ट ने उनकी जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में करोड़ों रुपये के ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में विजिलेंस ने भारत भूषण आशु के खिलाफ 16 अगस्त को एफआईआर दर्ज की थी।
एफआईआर दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में आठ दिन रिमांड पर रहने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। न्यायिक हिरासत में रहते आशु ने नियमित जमानत की मांग को लेकर लुधियाना की ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद आशु की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
ट्रायल कोर्ट द्वारा याचिका खारिज होने के बाद आशु ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए नियमित जमानत देने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार से जवाब मांगा था। इस मामले में पंजाब सरकार का जवाब आने के बाद हाईकोर्ट ने अब आशु की याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। हाईकोर्ट जल्द ही आशु को लेकर अपना फैसला सुनाएगा।