दूसरे राज्यों के वाहनों की चंडीगढ़ में रजिस्ट्रेशन अब महंगी हो गई है। दूसरे राज्यों के वाहन चालकों को अब चंडीगढ़ में अपने वाहनों की रजिस्ट्रेशन कराने के लिए वाहन की इंश्योरेंस वैल्यू के हिसाब से रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। दो पहिया वाहन चालकों के लिए तीन स्लैब बने हैं, जबकि चार पहिया वाहनों के लिए दो स्लैब बने हैं।
यूटी प्रशासन के परिवहन विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। दूसरे राज्यों के दो पहिया वाहन चालकों को वाहन की इंश्योरेंस वैल्यू के हिसाब से 3 से 6 फीसदी रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। जबकि, चार पहिया वाहन चालकों को इंश्योरेंस वैल्यू के हिसाब से 6 से 8 फीसदी रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी।
दूसरे राज्यों से ट्रांसफर की जाने वाली गाड़ी की रजिस्ट्रेशन फीस अभी मॉडल के हिसाब से अधिकतम 1800 रुपये तक है। दूसरे राज्यों के वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस कम होने के कारण दूसरे राज्यों के बहुत से लोग हर माह अपने वाहनों का चंडीगढ़ में रजिस्ट्रेशन कराते थे।
यही वजह है कि चंडीगढ़ में वाहनों की नई सीरीज दो से ढाई महीने में खत्म हो जाती थी। लेकिन, अब आरएलए को उम्मीद है कि फीस बढ़ाए जाने के बाद अब दूसरे राज्यों के वाहनों की रजिस्ट्रेशन में कमी आएगी।
रजिस्ट्ररिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने जब वाहनों की सीरीज के जल्द खत्म होने का कारण तलाशा तो पता चला कि दूसरे राज्यों के वाहन हर महीने बड़ी संख्या में चंडीगढ़ में रजिस्टर होते हैं।
इसके बाद आरएलए ने दूसरे राज्यों के वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस को बढ़ाने का प्रस्ताव परिवहन विभाग के पास भेजा। आरएलए ने अब दूसरे राज्यों की रजिस्ट्रेशन फीस को पंजाब और हरियाणा की तर्ज पर फिक्स किया है।