साइकिल निर्माता कंपनी हीरो साइकिल्स लिमिटेड जल्दी ही जर्मनी की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी के लिए बीएमडब्ल्यू कार की चेसिस का निर्माण करेगी।
कंपनी ने इसके लिए चेन्नई में प्लांट की स्थापना की है और जल्दी ही प्लांट का उद्घाटन किया जाएगा। इस प्लांट में जनवरी 2015 से चैसीस का उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।
यह जानकारी हीरो साइकिल्स के एमडी पंकज मुंजाल ने शनिवार को यूसीपीएमए में आयोजित साइकिल कांफ्रेंस में दी।
उन्होंने कहा कि साइकिल की मार्केटिंग के लिए कंपनी ने गांवों पर फोकस किया है। गरीब लोगों को आसान किश्तों पर साइकिल मुहैया कराने के लिए कंपनी ने सिंगापुर की माइक्रो फाइनेंस कंपनी फ्लूट्रन के साथ तालमेल किया है।
इसके तहत आठ रुपये की पेमेंट देकर गरीब साइकिल खरीद सकेगा। बाकी पैसा आसान किश्तों में लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके लिए फ्लूट्रन जीरो बैलेंस पर गरीब लोगों के खाते खोल रहा है। पंकज ने बताया कि हीरो साइकिल्स सालाना 400 करोड़ रुपये के पुर्जों का आयात करती है।
उन्होंने शहर के उद्यमियों से भी आह्वान किया कि वे हीरो को पुर्जे बनाकर दें। उन्होंने कहा कि विश्व में साइकिल की कुल बिक्री में भारत का योगदान केवल 11 फीसदी है।
विस्तार की मुहिम के तहत हीरो साइकिल जर्मनी में एक कंपनी का पंद्रह मार्च को अधिग्रहण करेगी। इसके बाद कंपनी जर्मनी में साइकिल का निर्माण कर अमेरिका और यूरोप की मार्केट को कवर करेगी।
उन्होंने कहा कि विश्व बाजार में सालाना 50 मिलियन कारें और 120 मिलियन साइकिल बिकती हैं। चीन 84 मिलियन साइकिल बना रहा है, जबकि भारत में केवल 15 मिलियन साइकिल ही बन रही हैं।
फैंसी साइकिल में 9 फीसदी का ग्रोथ है, जबकि हाई एंड साइकिल में 20 फीसदी का। उन्होंने बताया कि साइकिल बाजार में पकड़ मजबूत करने के लिए हीरो रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर 300 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
इस अवसर पर हीरो साइकिल्स के चेयरमैन ओम प्रकाश मुंजाल भी मौजूद थे।