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हेरिटेज फर्नीचर: पहली बार धरोहर की नीलामी रोकने के लिए चंडीगढ़ से लंदन तक मची हलचल

Wed, 14 Oct 2020 11:45 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
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हेरिटेज फर्नीचर - फोटो : अमर उजाला
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लंदन के बोनहम्स नीलामी घर में 14 अक्तूबर यानी आज चंडीगढ़ के 10 हेरिटेज फर्नीचरों की नीलामी होनी है। इस नीलामी को रोकने के लिए पहली बार चंडीगढ़ से लेकर लंदन तक हलचल मची हुई है। लंदन में भारतीय उच्चायोग से लेकर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर तक इस नीलामी को रोकने में लगे हुए हैं। लंदन की स्थानीय पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है।
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हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य और वकील अजय जग्गा ने इस नीलामी की जानकारी विदेश मंत्री एस. जयशंकर, लंदन में भारतीय उच्चायोग, चंडीगढ़ प्रशासन समेत अन्य को दी थी। उन्होंने सभी को बताया था कि 14 अक्तूबर को लंदन के बोनहम्स नीलामी घर में चंडीगढ़ के 10 हेरिटेज फर्नीचरों को करीब 1.50 करोड़ में बेचा जाएगा। उन्होंने कहा था कि यह गैरकानूनी है, क्योंकि शहर की विरासत को विदेश में ले जाकर बेचा जा रहा है। उन्होंने सभी से इस नीलामी पर रोक लगाने की मांग की थी।

अजय जग्गा की शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए लंदन में भारतीय उच्चायोग के प्रथम सचिव (ट्रेड) राहुल नागरे की तरफ से जवाब आया और उन्होंने अजय जग्गा से इस नीलामी से जुड़ी सभी जानकारी मांगी। साथ ही उन्होंने जग्गा से केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस आदेश की कॉपी भी मांगी, जिसमें चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर को विदेश में ले जाकर बेचने पर प्रतिबंध लगाने का जिक्र है। जग्गा ने सभी दस्तावेज भेजे, इसके बाद लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने जग्गा को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया।
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चंडीगढ़ ने तुगलकाबाद में फर्नीचर की पकड़ी तस्करी के दस्तावेज भी सौंपे

लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने जग्गा से पूछा कि उनके पास क्या सबूत हैं कि जो सामान बेचा जाने वाला है, वह गैरकानूनी है। इस पर जग्गा की तरफ से बताया गया कि उन्होंने 9 जुलाई 2018 को तुगलकाबाद से ब्राजील भेजे जा रहे हेरिटेज फर्नीचर की तस्करी को रोका है। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। जग्गा ने उस एफआईआर की कॉपी भी लंदन भेजी।

इस सब के बाद भारतीय उच्चायोग की तरफ से जग्गा को भरोसा दिलाया गया है कि वह उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई करेंगे और नीलामी से पहले उन्हें ‘गुड न्यूज’ देंगे। इधर, पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक ने भी अजय जग्गा की सराहना की है और कहा है कि वह प्रशासन का काम कर रहे हैं। बदनौर ने जग्गा को हर तरह की सहायता करने की बात कही है।

हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी अभी तक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि हेरिटेज फर्नीचर विदेश तक कब और कैसे पहुंचा है। कौन लोग हैं, जो चंडीगढ़ के फर्नीचर को विदेश में ले जाकर करोड़ों में बेच रहे हैं।
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11 सालों के इतिहास में पहली बार इतनी हलचल

अजय जग्गा ने कहा कि वह पिछले 11 सालों से शहर की विरासत को बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। लंदन पुलिस के अधिकारी से हुई बातचीत में जग्गा ने उन्हें साफ कहा कि सिर्फ अमरीका और इंग्लैंड ही अपनी विरासत के लिए सतर्क नहीं हैं, भारत के लोग भी अपनी विरासत को बचाने के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं।

जग्गा ने अमर उजाला को बताया पिछले 11 सालों में उन्होंने फ्रांस, स्विट्जरलैंड, इंग्लैंड समेत कई देशों में चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी की जानकारी कई दिनों पहले ही प्रशासन को दी है लेकिन पहली बार अब जाकर हलचल हुई है। उन्होंने कहा कि अब लग रहा है कि सालों की मेहनत सफल हो रही है। हालांकि जग्गा ने कहा कि लंदन में होने वाली नीलामी रद्द हुई है या नहीं यह भारत में 15 अक्तूबर को ही पता चल पाएगा।

गौरतलब है कि 14 अक्टूबर को होने वाली नीलामी की प्रस्तावित कीमत 1.50 करोड़ रुपये के करीब है। इनमें प्रेस चेयर्स, लो चेयर्स की जोड़ी, हेरिटेज टेबल, आठ आर्म चेयर्स, एडवोकेट एंड प्रेस आर्म चेयर्स, राइटिंग टेबल फॉर जूनियर ऑफिसर, बैंच, पब्लिक बैंच, ईजी आर्म चेयर्स और फोल्डिंग स्क्रीन आदि आइटम शामिल हैं।
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