नौकरी के नाम पर विदेश भेजने को लेकर धोखाधड़ी के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इसे रोकने के लिए सरकार ने नई पहल की है।
अगर कोई चाहता है कि वह रिक्रूटमेंट एजेंट की जालसाजी में न फंसे तो उसे एजेंट से डीलिंग करने से पहले सिर्फ एक कॉल करनी होगी। उसके बाद उसे सारी जानकारी मिल जाएगी। इसके लिए विशेष हेल्पलाइन लॉन्च की गई है।
राज्य सरकार के इंप्लायमेंट जेनरेशन व ट्रेनिंग विभाग ने माइग्रेंट रिसोर्स सेंटर स्थापित किया है। इसी सेंटर ने यह खास हेल्पलाइन (0172-5087852) शुरू की है, जहां सुबह 10 से 12.30 और दोपहर 2.30 से 4 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
पंजाब का कोई भी व्यक्ति वर्क वीजा पर विदेश जाने के लिए किसी एजेंट से डील करने से पहले इस पर संपर्क कर सकता है। यहां बताया जाएगा कि एजेंट भारत सरकार के पास रजिस्टर्ड है या नहीं। अगर रजिस्टर्ड है तो भी क्या सावधानियां बरती जानी चाहिएं। पैसे का लेन-देन कैसे करना है।
अगर विदेश जाने के बाद भी धोखे का खुलासा होता है तो क्या करना चाहिए। विभाग की डिप्टी डायरेक्टर परमिंदर शर्मा और इंप्लायमेंट जेनरेशन व ट्रेनिंग अफसर सुरिंदर मोहन ने बताया कि केंद्रीय मंत्रालय ने देश में दो हजार एक्टिव रिक्रूटिंग एजेंट को रजिस्टर्ड किया है। जिनमें से पंजाब में 80 और चंडीगढ़ में 40 हैं। वर्क वीजा पर विदेश भेजने का अधिकार सिर्फ इन्हीं के पास है।
पंजाब के युवाओं को धोखाधड़ी से बचाने के लिए खास जागरुकता मुहिम शुरू की गई है। इस कड़ी में यह हेल्पलाइन लॉन्च की गई है, जल्द इसमें एक इमिग्रेशन एक्सपर्ट को काउंसलर के तौर पर नियुक्त किया जाएगा।
जरूरी जानकारी के पंफलेट शहरों के प्रमुख दफ्तरों और पंचायतों में रखे जाएंगे। इसके अलावा लोग जिलों के इंपलायमेंट जेनरेशन व ट्रेनिंग दफ्तरों से भी जानकारी ले सकते हैं। जानकारी केअलावा कोई शिकायत आएगी तो उसे भी सेंटर गृह विभाग केपास भेजेगा।
क्या बरतें सावधानियां
- जॉब ऑफर देने वाले एजेंट का रजिस्ट्रेशन देखें
- भारत सरकार की निर्धारित बीस हजार रुपये फीस ही दें
- सारा पेमेंट चेक से करें और रसीद जरूर लें
- सादे कागज पर दस्तखत करके न दें
- इंप्लायमेंट कांट्रेक्ट की शर्तें पढ़ें, ठीक लगने पर दस्तखत करें
- वीजा लगने के बाद पासपोर्ट, कान्ट्रेक्ट व एजेंट का ब्यौरा परिजनों के पास छोड़ें
- केंद्र सरकार की टोल फ्री हेल्पलाइन - 1800113090
कैसे होती है धोखाधड़ी
कोई भी रिक्रूटमेंट एजेंट भारत के किसी युवा को विदेशी कंपनी में नौकरी दिलाने का ऑफर तभी दे सकता है, जब उसके पास विदेशी कंपनी की पॉवर ऑफ अटॉर्नी हो। पर होता यह है कि मुंबई का रिक्रूटर विदेश का दौरा कर नौकरी फाइनल करता है, उसे पॉवर ऑफ अटॉर्नी मिल जाती है।
वह आगे उसकी कॉपी दिल्ली के एजेंट को देता है। वह कॉपी पंजाब के एजेंट को देता है। जब वह एजेंट किसी नौजवान से डील करता है तो उसके पास अपने नाम की पॉवर ऑफ अटॉर्नी नहीं होती।
पंजाब सरकार ने शुरू किया रजिस्ट्रेशन
पंजाब सरकार ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी रोकने के लिए पिछले दिनों नया कानून बनाया है। जिसकेतहत सभी ट्रैवल व रिक्रूटिंग एजेंटों को लाइसेंस लेना जरूरी है।
ट्रैवल एजेंटों की चार एसोसिएशनों केसाथ मीटिंग केबाद सरकार ने कानून के नाम और कुछ शर्तों में भी बदलाव किया है। लेकिन बगैर लाइसेंस अब कोई भी एजेंट काम नहीं कर सकेगा।