फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़: समस्याओं के समाधान के निगम के सभी दावे हवाहवाई, हेल्पलाइन नंबर से मिलता है सिर्फ आश्वासन

Fri, 27 Aug 2021 02:43 PM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

ई-गवर्नेंस सुविधा का दावा करने वाले नगर निगम की व्यवस्था महज दिखावा साबित हो रही है। निगम की ओर से रोज क्लब में शिकायत केंद्र बनाया गया है। पहले निगम ने एक नंबर जारी किया था, जिस पर सभी प्रकार की समस्याओं को सुना जाता था।
विज्ञापन
चंडीगढ़ नगर निगम। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ नगर निगम की हेल्पलाइन नंबर महज खानापूर्ति के लिए रह गई है। शिकायतकर्ता को न तो शिकायत संख्या बताई जाती है और न शिकायत का समाधान कौन करेगा, उसका नाम बताया जाता है। सिर्फ यही जानकारी दी जाती है कि आगे संबंधित विभाग को बता देंगे। उधर, कचरे के उठान के लिए अलग नंबर पर कॉल करने को कहा जा रहा है। इस उलझन में समस्या का समाधान तक नहीं हो रहा। लोगों का कहना है कि दोबारा कॉल करने पर जवाब मिलता है कि हमने संबंधित विभाग को बता दिया था।

विज्ञापन


ई-गवर्नेंस सुविधा का दावा करने वाले नगर निगम की व्यवस्था महज दिखावा साबित हो रही है। निगम की ओर से रोज क्लब में शिकायत केंद्र बनाया गया है। पहले निगम ने एक नंबर जारी किया था, जिस पर सभी प्रकार की समस्याओं को सुना जाता था। उसके बाद कचरा लेने वाली गाड़ियां चलीं तो उसके लिए अलग नंबर जारी कर दिया। अब लोग जब हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि संबंधित विभाग को शिकायत भेज दी गई है। वहीं कचरे से संबंधित समस्या बताने पर बताया जाता है कि दूसरे नंबर पर कॉल करें।  

Trending Videos
विज्ञापन

दावा था, आएगा मोबाइल पर मैसेज, रिव्यू भी करेंगे

ई-गवर्नेंस के तहत दावा किया गया था कि लोग जब शिकायत केंद्र पर कॉल करेंगे तो उनका मोबाइल नंबर नोट किया जाएगा, जिस पर शिकायत संख्या के साथ ही निस्तारण की स्थिति बताई जाएगी। समस्या के निस्तारण के बाद समीक्षा भी करेंगे। समस्या का समाधान तो दूर लोगों को शिकायत संख्या तक नहीं मिलती।

केस एक
खड्डा अलीशेर निवासी प्रवीण ने 24 अगस्त को नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर बताया कि चार दिन से कचरा उठाने वाली गाड़ी नहीं आई है। इस पर बताया गया कि आप पता नोट करवा दें, हम संबंधित एरिया के सफाई निरीक्षक को बता देंगे। प्रवीण ने जानकारी देने के बाद शिकायत संख्या मांगी तो पता चला कि कार्य मैनुअल है, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। प्रवीण ने कहा कि गाड़ी आ तो जाएगी, इस पर बताया गया कि मैं आगे बता दूंगा फिर संबंधित व्यक्ति व विभाग जाने।

केस दो
खुड्डा अलीशेर निवासी भूपेंद्र ने बताया कि वह और उनकी पत्नी शिक्षक हैं। सुबह दोनों को स्कूल जाना होता है। हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करने पर कचरा न उठाए जाने की समस्या बताने पर बताया गया कि गाड़ी अपने समय पर ही आएगी। भूपेंद्र का कहना है गाड़ी कभी तो सुबह जल्दी आती है और कभी 10 बजे तक आती है। ऐसे में घर में चार दिनों तक कचरा इकट्ठा हो जाता है। 300 रुपये निगम को देने के बावजूद कचरा बाहर फेंकने को मजबूर होना पड़ता है।

दलील, हमारे पास कर्मचारी कम हैं
सफाई निरीक्षक को फोन लगाकर समस्या बताने पर बताया जाता है कि हमारे पास सफाई निरीक्षक कम हैं। इस कारण कई बार कर्मचारी नहीं पहुंच पाते हैं, जबकि निगम का दावा है कि सभी गाड़ियों पर कर्मचारी व उसके सहायक तैनात हो गए हैं। जब कर्मचारी नहीं हैं तो लोगों से शुल्क कैसा।

हमारी गाड़ियां समय से जाती हैं। इसके लिए गाड़ियों में जीपीएस भी लगाया गया है ताकि उनकी स्थिति देखी जा सके। फिर भी कहीं ऐसा है तो मामले को दिखवा लेते हैं। -डॉ. एपी सिंह, एमओएच 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें