इस संबंध में मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। पूरे दिन बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश हो सकती है।
बारिश ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में डाला खलल
आजादी के अमृत महोत्सव और हर घर तिरंगा अभियान की तैयारियों में बारिश ने खलल डाला। प्रशासन ने सेक्टर 17 के परेड ग्राउंड में सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं लेकिन तेज बारिश की वजह से काफी नुकसान हुआ और तमाम कर्मचारी और अधिकारी तैयारियों को पूरा करने में देर रात तक जुटे रहे। वहीं, स्वतंत्रता दिवस को लेकर प्रशासन की कई इमारतों को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया था। बारिश की वजह से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड समेत कई इमारतों की लाइटें भी बंद नजर आईं। अगर यह बारिश ऐसे ही सोमवार को भी जारी रही तो परेड ग्राउंड में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में भी बाधा पड़ सकती है। हालांकि प्रशासन के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने वाटरप्रूफ टेंट लगाया है।
सुखना का जलस्तर बढ़ा फिर खोलना पड़ा फ्लड गेट
बारिश के बाद रात करीब 10 बजे सुखना का जलस्तर खतरे के निशान 1163 फीट के करीब पहुंच गया। इसके बाद प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों ने सुखना का एक फ्लड गेट खोला और पानी को छोड़ा गया। पानी छोड़ने से पहले विभाग की तरफ से मोहाली और पंचकूला को सतर्क कर दिया गया था।
यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि सुखना में जलस्तर बढ़ने के बाद ही एक फ्लड गेट खोला गया। बता दें पांच और एक अगस्त को भी जलस्तर बढ़ने के बाद एक फ्लड गेट खोलना पड़ा था। वर्ष 2020 में वाटर लेवल 1163.40 फुट पर पहुंचने के बाद ही गेट खोले गए थे, जिसके चलते सुखना चो भी ओवरफ्लो हो गया था। इस कारण बलटाना के एरिया में भी पानी घुस गया था। यही कारण है कि पिछले साल से प्रशासन ने खतरे के निशान पर पहुंचने से पहले ही फ्लड गेट खोलने शुरू कर दिए हैं।