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हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, हिसार में टूटा 23 साल का रिकॉर्ड

Sat, 07 Mar 2020 01:22 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/हिसार ( हरियाणा)
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बारिश से फसलों को भारी नुकसान।
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पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से हरियाणा के सात जिलों में लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को ताबड़तोड़ बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे लाखों हेक्टेयर में लगी सरसों, गेहूं और सब्जी की फसलों को 50 से 80 फीसदी तक नुकसान होने की आशंका है। मौसम के इस तेवर से किसानों के बंफर पैदावार के सपने बिखर गए हैं। 

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मौसम केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक हिसार में 23 साल बाद सबसे अधिक 37 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, रेवाड़ी में 54 एमएम बारिश हुई, जबकि पूरे हरियाणा में 12.5 एमएम औसत बारिश दर्ज की गई है। 
 
हिसार में 20 मार्च 1997 को रिकॉर्ड 42 एमएम बारिश हुई थी, मगर इस बार अरब सागर से भरपूर नमी आने से गुरुवार और शुक्रवार को दो दिनों में ही 47.2 एमएम बारिश हो गई। फाल्गुन में ऐसा मौसम फसलों और सेहत के लिए नुकसानदेह माना जाता है। महेंद्रगढ़, भिवानी, रोहतक, फतेहाबाद, रेवाड़ी, चरखी दादरी, सोनीपत समेत कई जिलों में लगातार तीसरे दिन ओले पड़ने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने से फसलें तबाह हो गईं। 

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तेज बारिश से घरों, सड़कों से लेकर खेतों तक में पानी भर गया। वहीं, करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार चली हवाओं ने फसलों को खेतों में गिरा दिया। चरखी दादरी और झज्जर के गांवों में बिजली गिरने से घरों और सामान को नुकसान पहुंचा। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि शनिवार को भी कहीं-कहीं बादलवाई या गरज-चमक व हवाओं के साथ छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना रहेगी। इसके बाद मौसम साफ हो जाएगा। 

तापमान में गिरावट
लगातार तीसरे दिन बारिश और ओलावृष्टि के बाद हिसार में दिन का तापमान सामान्य से 10 डिग्री नीचे आ गया। अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह नारनौल में अधिकतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री तो करनाल में 6 डिग्री कम रहा। 

आज भी छिटपुट बारिश के आसार 
मौसम विभाग के विभाग के मुताबिक प्रदेश में शनिवार को भी छिटपुट बारिश की आशंका है। उसके बाद दो दिन मौसम खुश्क रहेगा। 
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छह दिनों में हुई प्रदेश में 26.6 एमएम बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा में एक से छह मार्च तक 26.6 एमएम बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर सिर्फ 3.5 एमएम बारिश होती है। ऐसे में प्रदेश में सावन-भादों की तरह छह दिन में ही सामान्य से 660 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। 6 मार्च को प्रदेश में औसत बारिश सिर्फ 0.8 एमएम होती है, लेकिन शुक्रवार को 12.5 एमएम दर्ज की गई। 

ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को 15 दिनों में मिले मुआवजा: सुरजेवाला
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हुई फसलों की विशेष गिरदावरी कर 15 दिन में प्रभावित किसानों को मुआवजे का भुगतान करने की मांग की है। सुरजेवाला ने कहा कि लगातार बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, सब्जियों व अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। 

किसान पहले ही केंद्र और प्रदेश की किसान विरोधी नीतियों की मार झेल रहा है, ऐसे में मौसम की यह मार किसानों के लिए बिल्कुल असहनीय है। किसानों को मुआवजे के लिए फसल बीमा कंपनियों के रहमो करम पर न छोड़ा जाए। फसल बीमा कंपनियों की गलत नीतियों के चलते बड़ी संख्या में किसानों ने फसलबीमा योजना को अपनाया ही नहीं है।

कहां कितनी बारिश  (एमएम)
  • रेवाड़ी         54
  • हिसार        37 
  • नारनौल     30
  • झज्जर      26.8  
  • चरखी दादरी 26
  • फतेहाबाद    25
  • फरीदाबाद   24
  • जींद           23
  • सोनीपत    20 
  • भिवानी      15
  • रोहतक      14.6
  • सिरसा       12
  • गुरुग्राम       8
  • अंबाला       7
  • करनाल     4

हिसार में मार्च में रिकार्ड बारिश   
                     तिथि         बारिश 
  • 06 मार्च 2020         37
  • 03 मार्च 2019        5.6
  • 21 मार्च 2018        1.9
  • 11 मार्च 2017        2.9
  • 06 मार्च 2016      14.6
  • 02 मार्च 2015      35.4
  • 24 मार्च 2014      6.8
  • 14 मार्च 2013     27.4
  • 24 मार्च 2011     4.6
  • 07 मार्च 2010     2.7
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