बीते बुधवार को हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए निगम चुनाव की घोषणा पर सुबह रोक लगा दी थी लेकिन दोपहर बाद चंडीगढ़ प्रशासन के निवेदन पर रोक हटाते हुए गुरुवार को इस मामले पर सुनवाई का फैसला लिया था। गुरुवार को सुनवाई शुरू होते ही प्रशासन ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांग लिया।
हाईकोर्ट ने इस पर प्रशासन को फटकार लगाई और अधिकारियों को तलब कर लिया। दोपहर बाद हुई सुनवाई के दौरान प्रशासन अदालत को संतुष्ट करने में नाकाम रहा। इस पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 23 नवंबर को तय करते हुए तब तक चुनाव की घोषणा पर रोक लगा दी।
आचार संहिता देर से लगेगी तो चुनाव में भी होगी देरी
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब चुनाव आयोग का गणित बिगड़ने की आशंका है। चुनाव आयोग ने 19 नवंबर को शहर में आचार संहिता लगाकर 19 दिसंबर को मतदान कराने की योजना बनाई थी लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब आयोग को नए सिरे से योजना बनानी पड़ेगी। 23 नवंबर को हाईकोर्ट से आयोग को राहत मिलती है तो चुनाव दिसंबर के अंत तक कराने के लिए अधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ेगी, वहीं अगर राहत नहीं मिली तो फिर इस साल आयोग के लिए नगर निगम चुनाव करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा।