पुलिस ने फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मनजीत, प्रियंका और सिक्योरिटी गार्ड अनदीप के खिलाफ धारा 120-बी, 409, 420, 467, 468 व 471 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
ड्राइविंग लाइसेंस की ऑनलाइन मेडिकल फीस काटने में गबन करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारी और सिक्योरिटी गार्ड समेत तीन आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी बिल बुक छपवाकर गबन किया है। अब सिटी थाना पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
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शिकायत में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के एसआई अनूप सिंह ने बताया कि उन्हें एक शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया गया था कि ड्राइविंग लाइसेंस के मेडिकल की एवज में स्वास्थ्य विभाग आवेदक की 100 रुपये की रसीद काटता है। स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारियों ने फर्जी बिल बुक छपवा रखी है और वो कई आवेदकों की रसीद मैनुअली काटते हैं।
इस आधार पर मामले की जांच के लिए आरटीए विभाग और एसडीएम कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आए आवेदनों का ब्योरा मांगा गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के साथ मिलान किया गया तो 88 आवेदकों की मेडिकल फीस का रिकॉर्ड नहीं मिला जबकि दो को दी गई रसीद फर्जी बिल बुक की मिली। इस आधार पर पुलिस ने फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मनजीत, प्रियंका और सिक्योरिटी गार्ड अनदीप के खिलाफ धारा 120-बी, 409, 420, 467, 468 व 471 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।