स्कूल की वर्दी पहने मुख्याध्यापिका
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पटियाला के सरकारी स्कूल दाना मंडी में बतौर मुख्याध्यापिका सेवा कर रहीं डाक्टर इंद्रजीत कौर ने अनूठी शुरुआत करते हुए सप्ताह में एक दिन सोमवार को अपने विद्यार्थियों की तरह स्कूल की वर्दी पहननी शुरू की है।
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से समाज विज्ञान में डाक्टरेट (पीएचडी) करने वाली मुख्याध्यापिका इंद्रजीत कौर ने बताया कि विद्यार्थियों को प्रेरित करने का यह सबसे प्रभावशाली ढंग है। जिससे स्कूल के बच्चों में विश्वास पैदा हो रहा है कि बदलाव के एक छोटे से कदम से समाज की सोच बदली जा सकती है, क्योंकि अब तक टीचर की एक खास किस्म के ड्रेस कोड में ही कल्पना की जा सकती थी। लेकिन अब उनके इस कदम से बच्चों को काफी सीख मिल रही है। पहले कई बच्चे स्कूल की वर्दी पहनकर नहीं आते थे, लेकिन जब उनकी मुख्याध्यापिका हफ्ते में एक दिन स्कूल की वर्दी पहनने लगी है, तो वह भी इस तरह वर्दी में आना शान समझते हैं।
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इंद्रजीत कौर ने बताया कि जब विद्यार्थी उनसे पूछते हैं कि मैंने यह वर्दी क्यों पहनी है तो मैं उनको बताती हूं कि हम एक टीम हैं और एक टीम अपनी-अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए एक ही रंग की वर्दी पहनते हैं। इंद्रजीत कौर का यह सफर केवल पहनावे पर ही नहीं रुका, बल्कि वह अपने विद्यार्थियों के बीच बैठकर जीवंत चर्चाओं व व्यक्तिगत अध्यापन सेशन में व्यस्त रहती हैं।
वह बताती हैं कि जब से उन्होंने वर्दी पहननी शुरू की है, विद्यार्थियों ने विचारों को खुले मन से व्यक्त करना शुरू कर दिया है। वर्दी समानता व दोस्ती का प्रतीक बन गई है। अपनी इस नई पहलकदमी के जरिये उन्होंने अपने विद्यार्थियों में भाईचारा, एकता व अनुशासन की भावना पैदा की है।