कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू
- फोटो : PTI (File Photo)
पंजाब कांग्रेस में घमासान अब भी जारी है और इसी क्रम में मंगलवार को पार्टी प्रधान नवजोत सिद्धू ने 72 दिन बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद कैप्टन अमरिंदर ने अपनी पहली प्रतिक्रिया ट्वीट के माध्यम से दी। उन्होंने लिखा कि मैंने तो पहले ही कहा था कि यह आदमी स्थिर नहीं है और सीमावर्ती राज्य पंजाब के लिए सिद्धू सही नहीं है।
समझौता करने से व्यक्ति का चरित्र खत्म हो जाता है
पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम संबोधित त्यागपत्र में सिद्धू ने लिखा कि समझौता करने से व्यक्ति का चरित्र खत्म हो जाता है। मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब की जनता के कल्याण के एजेंडा से कभी समझौता नहीं कर सकता हूं। उन्होंने आगे लिखा, इसलिए मैं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूं। मैं कांग्रेस की सेवा करता रहूंगा।
यह भी पढ़ें - पंजाब में नई उथल पुथल: 75 साल की उम्र वाले नेताओं को रिटायर करने वाली भाजपा को मिलेगा 80 साल का कैप्टन!
कैप्टन ने सिद्धू को बताया था पंजाब की सुरक्षा के लिए खतरा
इससे पहले इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने परोक्ष तौर पर सिद्धू को पंजाब सूबे की सुरक्षा के लिए खतरा करार दिया था। उनका कहना है कि नवजोत सिद्धू कांग्रेस में एक आपदा की तरह हैं। कांग्रेस को उनको अध्यक्ष नहीं बनाना चाहिए था। सिद्धू पाकिस्तान सेना प्रमुख बाजवा और वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान के मित्र हैं। अगर उनको सीएम बनाया गया तो इसका विरोध करूंगा। अमरिंदर सिंह ने कहा था कि पंजाब सरहदी सूबा है, जहां सीमा पार से अस्थिरता पैदा करने के लिए हथियार भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा पाकिस्तान से ड्रग्स की खेप लगातार आ रही हैं। ऐसे में वे पंजाब की सुरक्षा के लिए लड़ते रहेंगे।
कैप्टन ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर नवजोत सिद्धू उन्हें बिल्कुल मंजूर नहीं हैं, क्योंकि यह व्यक्ति पंजाब के लिए तबाही है। उन्होंने कहा कि सिद्धू कैबिनेट मंत्री के तौर पर अपना विभाग तो संभाल नहीं सके, पंजाब को क्या संभालेंगे।