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Haryana Budget Session: अपनी सीमाओं पर पिलर लगाएगा हरियाणा, पांच राज्यों से खत्म होगा भूमि विवाद

Fri, 04 Mar 2022 05:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पांच राज्यों से लगने वाली अपनी सीमाओं पर हरियाणा पिलर स्थापित करेगा। भूमि विवाद खत्म करने को लेकर यह कदम उठाया है। हरियाणा की सीमा उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान से लगती है।
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हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पड़ोसी राज्यों के साथ भूमि विवाद खत्म करने के लिए हरियाणा सरकार ने फैसला लिया है कि अब केवल यूपी की सीमा पर ही नहीं बल्कि पांचों पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर पिल्लर लगाए जाएंगे। इसके लिए हरियाणा सरकार ने पानीपत जिले से इसकी शुरूआत कर दी है। यह जानकारी हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने समालखा से विधायक धर्म सिंह छोक्कर के सवाल के जवाब में दी। 

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उन्होंने बताया कि हरियाणा प्रदेश की पंजाब, दिल्ली, यूपी, हिमाचल प्रदेश व राजस्थान से सीमा लगती है, जहां पर कई बार लोगों के बीच अपनी जमीनी-हद को लेकर परस्पर विवाद होते रहते हैं। इनके समाधान के लिए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश की सीमा पर पिल्लर लगाने का निर्णय लिया है। हरियाणा-यूपी बॉर्डर पर पिल्लर लगने की प्रक्रिया पानीपत में शुरू कर दी गई है। इसमें एक साल में पांच रेफरेंस पिलर, 91 सब रेफरेंस पिलर और 2423 बाउंड्री पिलर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दुष्यंत चौटाला ने बताया कि यमुना नदी के बहाव के कारण और समय के साथ बाउंड्री-पिल्लर नदी में बह गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के मध्य लखनऊ में 14 दिसंबर 2019 को और दोनों राज्यों के अधिकारियों के मध्य 9 जनवरी 2020 को चंडीगढ़ में एक बैठक हुई थी। यह मामला सर्वे ऑफ इंडिया के साथ भू-सीमांकन के लिए टेकअप किया जा रहा है।
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शामलात देह का स्वामित्व संभव नहीं
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक समालखा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में राणा माजरा से गांव सीमबलगढ़ तक यमुना नदी के साथ-साथ 42 किलोमीटर स्थित गांवों की भूमि का संबंध है, वह राजस्व अभिलेखों में ‘शामलात देह’ है, इसलिए कानून के अनुसार ग्रामीणों के पास कब्जा व गिरदावरी होने के उपरान्त भी स्वामित्व की प्रविष्टियां राजस्व अभिलेखों में उनके नाम करना संभव नहीं है। विधायक ने वर्ष 2012 में उक्त जमीन के संबंध में कथित गड़बड़ी होने की बात कही तो दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अगर सदन के सदस्य मांग करेंगे तो इस बारे में जांच करवाई जा सकती है। 

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