एक अप्रैल से देश में बहुत कुछ बदलने जा रहा है। कई योजनाओं को सरकार शुरु करने वाली है। 1 अप्रैल को हरियाणा के सभी जिले केरोसिन फ्री हो जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे सालाना 100 करोड़ से अधिक की बचत होगी। इससे पहले सरकार की उज्जवला स्कीम के तहत सूबे में 3.60 लाख से अधिक एलपीजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। हालांकि प्रदेश में अब भी करीब 1.25 लाख बीपीएल परिवारों को अलग-अलग वजहों से एलपीजी कनेक्शन मुहैया नहीं कराए जा सके सके हैं।
प्रदेश भर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत कुल 29.5 लाख राशन कार्ड धारक हैं। एक कार्ड पर हर माह सात लीटर केरोसिन वितरित किया जा रहा था, जो एक अप्रैल से बंद हो जाएगा। पूरे प्रदेश में 11 लाख से अधिक बीपीएल परिवारों का कार्ड बना है, लेकिन इनमें से 1.25 लाख से अधिक परिवार ऐसे हैं, जिनके आधार कार्ड में विसंगतियां, दूसरे शहरों में स्थानांतरण या अन्य वजहों से वे अब तक कनेक्शन नहीं ले सके हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का दावा है कि ऐसे सभी परिवारों को कनेक्शन के लिए सब्सिडी दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने पिछले साल सूबे को केरोसिन मुक्त बनाने की पहल की। इसके तहत पहले चरण में एक नवंबर को प्रदेश के आठ जिलों को केरोसिन फ्री घोषित किया गया था। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस प्रसाद का कहना है कि एक अप्रैल से हरियाणा के सभी जिले केरोसिन फ्री हो जाएंगे। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।