हरियाणा में लंबे समय बाद मानसून सक्रिय हुआ। करनाल में मंगलवार को 190 एमएम रिकॉर्ड बारिश हुई। वहां 30 साल का रिकॉर्ड टूट गया। झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। वहीं लोगों को गर्मी से राहत मिली। यमुनानगर में 70 एमएम बारिश हुई।
वहीं पहाड़ों पर तेज बारिश से पथराला और सोम नदी का पानी यमुनानगर के गांवों में घुस गया, जिससे कई गांवों में पानी भर गया। करनाल में तीन घंटे तक हुई बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। इससे चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा। सैकड़ों घरों व दुकानों में पानी घुसने से भारी नुकसान हुआ है।
कहां कितनी बारिश (एमएम)
- शहर बारिश
- करनाल 190
- यमुनानगर 70
- गुरुग्राम 51.6
- अंबाला 26
- कुरुक्षेत्र 15
- पानीपत 20
बारिश से तापमान में आई गिरावट
उधर, पंजाब के बठिंडा में मंगलवार को दोपहर साढे़ बारह बजे के करीब शुरू हुई बारिश आधे घंटे तक जारी रही। इसके चलते पुरानी तहसील परिसर के अलावा अन्य जगहों पर एक से दो फुट तक जलभराव हो गया था। बारिश थमने के बाद एक दम तेज धूप खिल गई। मौसम विभाग के अधिकारी सुरिंदरपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार को 20.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। 14 जुलाई को भी बारिश होने की संभावना है।
बारिश धान व मक्का की फसल के लिए बेहतर: डॉ. सुरिंदर
जालंधर के जिला मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. सुरिंदर सिंह ने बताया कि यह बारिश धान व मक्का की फसल के लिए बेहतर है। किसानों को भी आ रही परेशानी दूर होगी। उन्होंने कहा कि बिजली की समस्या से धान की बिजाई पिछड़ रही थी, बारिश से हालात सुधरेंगे।