दिसंबर 2023 तक 2,60,498 करोड़ लीटर पानी बचाने का लक्ष्य रखा था
चंडीगढ़। जल सरंक्षण को लेकर हरियाणा सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर दिखने लगे हैं। द्विवार्षिक जल संसाधन कार्य योजना (2023-2025) के तहत दिसंबर 2023 तक 2,60,498 करोड़ लीटर पानी की बचत का लक्ष्य रखा गया था, जिसका 95 प्रतिशत यानी 2,48,702 करोड़ लीटर पानी के बचत के लक्ष्य को पूरा कर लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की बैठक के दौरान कहा कि जिन गांवों में भू-जल स्तर सबसे अधिक नीचे चला गया है, उन गांवों में भू-जल रिचार्जिंग की योजनाएं सबसे पहले क्रियान्वित करें। ऐसे क्षेत्र जहां जलभराव की समस्या है, लेकिन वहां भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है। इन इलाकों में भूजल रिचार्जिंग के लिए वैज्ञानिक अध्ययन करवाने का निर्देश दिया है। सीएम ने जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे समर्पित प्रयासों के लिए प्राधिकरण की कार्यप्रणाली की सराहना भी की। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की अध्यक्षा केशनी आनंद अरोड़ा ने बताया कि अब तक लगभग 3022 आवेदकों को वर्षा जल संचयन और गैर-पीने योग्य उपयोग के लिए उपचारित अपशिष्ट जल का उपयोग सुनिश्चित करके जल संरक्षण और भूजल रिचार्जिंग की सशर्त अनुमति दी है। प्राधिकरण ने 142.80 करोड़ रुपये टैरिफ व आवेदन शुल्क के रूप में प्राप्त किए हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने विभिन्न सुधारात्मक उपायों को अपनाकर कुल 1,73,369 करोड़ लीटर पानी की बचत की है।
इसलिए नीचे जा रहा है भूजल स्तर
भूजल स्तर नीचे जाने का प्रमुख कारण केमिकल युक्त उर्वरकों का अत्यधिक इस्तेमाल है, जिसके कारण मिट्टी की परत मोटी होने के साथ-साथ क्ले का रूप ले चुकी है। इस कारण पानी भूमि में नहीं जा पा रहा है, जिससे भू-जल स्तर में कोई सुधार नहीं हो रहा है, जिन इलाकों में भू-जल स्तर 100 मीटर से नीचे चला गया है, ऐसे लगभग 200 गांवों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं। कृषि विभाग इन गांवों के किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के लिए प्रेरित करे।