हरियाणा के गूंगा पहलवान उर्फ वीरेंद्र सिंह के मन की पीड़ा एक बार फिर जुबान पर आ गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को ट्वीट कर पूछा है कि क्या मैं पाकिस्तान से हूं। कब कमेटी बनेगी और समान अधिकार मिलेंगे। गूंगा पहलवान के ट्वीट पर खेल निदेशक पंकज नैन ने रीट्वीट किया। उन्होंने कहा, सरकार आपको 1.20 करोड़ रुपये दे चुकी है। खेल विभाग में नौकरी दी है।
ग्रुप-बी पद की पेशकश को आपने ठुकरा दिया था। सरकार उनकी शिकायतों पर कमेटी बना चुकी है। उसमें पूर्व ओलंपिक व पैरा ओलंपिक खिलाड़ी शामिल हैं। वे जल्दी अपनी रिपोर्ट देंगे। उस पर विचार कर आगामी निर्णय लेंगे। आप हमारे उत्कृष्ट खिलाड़ी हैं। इसके जवाब में गूंगा पहलवान ने लिखा कि 2016-17 में स्वर्ण जीतने पर हरियाणा सरकार ने 8 करोड़ रुपये व ए ग्रेड की नौकरी देने की घोषणा की थी। मिला क्या, 2015 में जूनियर कोच लगा था। आज भी उसी पद पर हूं, बोल और सुन नहीं सकता, शायद इसलिए।
उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को भी ट्वीट किया है। जिसमें कहा है कि आपने मुलाकात के दौरान अन्याय न होने की बात कही थी। अब आप ही देख लें। गौर हो कि इससे पहले गूंगा पहलवान पद्मश्री मिलने पर 10 नवंबर 2021 को नई दिल्ली में हरियाणा भवन के बाहर धरने पर बैठ गए थे। उनकी मांग है कि ओलंपिक व पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेताओं की तरह ही उन्हें भी इनाम व नौकरी मिले। साथ ही पैरा एथलीट के तौर पर मान्यता दें। इसे लेकर वह हरियाणा विधानसभा के बाहर भी धरना दे चुके हैं। उनकी सीएम मनोहर लाल, स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता से भी मांगों को लेकर मुलाकात हुई है।