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ऐतिहासिक फैसलाः मूले और जाटों में अब होगी रिश्तेदारी और शादी-ब्याह

Tue, 12 Sep 2017 01:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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marriage - फोटो : demo pic
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हरियाणा में सर्वखाप पंचायत ने दो बड़े ऐतिहासिक फैसले लिए, जिसके लिए खूब वाहवाही भी हो रही है। सर्वसम्मति से फैसला लिया गया और लागू कर दिया गया। दरअसल, जाट और मूले जाटों के बीच सामाजिक समरस्ता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए रविवार को नांदल भवन में अहम फैसले लिए गए। सर्वखाप पंचायत में निर्णय लिया गया कि जाट और मूले जाट परिवारों के बीच शादी-ब्याह होंगे। साथ ही मूले जाटों के लिए मूले शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
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पंचायत में दिल्ली, यूपी और हरियाणा समेत कई प्रदेशों के खाप प्रतिनिधि और मूले जाट शामिल हुए। धर्म प्रसार सभा और सर्वखाप की तरफ से पंचायत का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे श्रीकृष्ण शास्त्री ने हवन के साथ पंचायत शुरू कराई। इस दौरान सर्वखाप पंचायत के अध्यक्ष और नांदल खाप के प्रधान ओमप्रकाश नांदल ने कहा कि जाटो के मध्य सामाजिक समरस्ता के लिए विघटित करने वाले शब्दों को खत्म करना होगा। जाटों के साथ लगने वाले मूले शब्द का इस्तेमाल खत्म करना जरूरी है।

धर्म प्रसार सभा के राष्ट्रीय मंत्री जुगल किशोर ने कहा कि इस पंचायत के माध्यम से भाईचारे और एकता की अनूठी मिसाल पेश होगी। घंटों तक चली पंचायत में निर्णय लिया गया कि अब मूले जाटों के साथ मूले शब्द का इस्तेमाल नहीं होगा। मूले जाट परिवार को भी जाट परिवार माना जाएगा। दोनों के बीच रोटी-बेटी का संबंध होगा और शादी-ब्याह पर भी कोई परहेज नहीं होगा। इसके अलावा सामाजिक बुराइयों को खत्म करने पर भी मंथन हुआ। पंचायत का संचालन धर्म प्रसार सभा के अध्यक्ष सतबीर सिंह ने किया।
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इन्होंने जताया विरोध

महापंचायत - फोटो : demo photo
पंचायत में पहुंचे पानीपत जिले के नवादा गांव के सरपंच के भाई नवाब अली नरवाल का कहना है कि यह मुद्दा छोटा नहीं है। कुछ लोग इकट्ठे होकर इतना बड़ा फैसला नहीं ले सकते। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम करना चाहिए। सभी बिरादरी में शादी-ब्याह पहले भी होते थे और अब भी होते हैं।

संविधान में ऐसा कहीं नहीं लिखा कि शादी नहीं की जा सकती। पंचायत में हम बोलना चाहते थे, लेकिन कुछ लोगों ने बुलवाने से मना कर दिया। इसके बाद हम लोग वहां से बिना खाना खाए ही वापस आ गए। सोनीपत के देवरू गांव के पूर्व सरपंच जूम्मा खत्री और दिल्ली से आए निगम पार्षद सुखबीर शौकीन ने भी इस पर विरोध जताया।

यह रहे मौजूद
पंचायत में अहलावत खाप से मांगेराम, मलिक खाप प्रधान चौधरी बलजीत सिंह, दहिया खाप प्रधान महावीर सिंह, अंतिल खाप से हवा सिंह, महम चौबीसी से रामफल राठी, सांगवान खाप से ऋषिपाल, आजाद सिंह, स्वामी कर्मपाल, रामफल सिंह, पंचगामा प्रधान रोशनलाल, स्वामी सोमपाल, धर्म प्रसार के केंद्रीय मंत्री महेंद्र सिंह, अध्यक्ष स्वदेश पाल, प्रदेश मंत्री थानमल शर्मा, विहिप के कार्यालय प्रमुख विनोद श्रीवास्तव, सतीश नांदल, रमेश राघव, सुरेंद्र बंसल, राज परमार, अमित, विनोद, यज्ञदत्त और आशीष आदि मौजूद रहे।
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