वहीं, रामनगर के समीप किसानों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। धरनास्थल पर किसानों ने नारेबाजी कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ रोष जाहिर किया। सुबह करीब 11 बजे धरनास्थल पर पहुंचे किसान नेता रमेश दलाल ने धरना संयोजक समिति से बैठक की और इसके बाद रेल रोको आंदोलन की तारीख का एलान कर दिया।
दलाल ने कहा कि गत 12 जून को केंद्रीय परिवहन मंत्री के साथ किसानों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक में हुई थी। इसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित वीके सिंह भी उपस्थित थे। बैठक में किसानों की जमीन की अवार्ड राशि में संशोधन का फैसला लिया गया था। रमेश दलाल ने बताया कि बैठक को नौ दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक सरकार और प्रशासन ने कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।
ऐसे में मजबूरीवश रेल रोको आंदोलन किसानों को करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि 26 जून की शाम तक का समय सरकार का है और इस दौरान अगर अवार्ड राशि में मार्केट रेट के मुताबिक संशोधन की घोषणा नहीं होती है तो फिर 27 को हरियाणा में किसान रेल रोक देंगे।
उन्होंने बताया कि रेल रोको आंदोलन के लिए देशभर के किसान एवं सामाजिक संगठनों का सहयोग मिल चुका है और इस बार किसान न तो सरकार से वार्ता करेंगे और न ही रेल रोको आंदोलन स्थगित करेंगे। उन्होंने बताया कि चरखी दादरी और जुलाना धरनास्थल पर मौजूद किसानों को इसकी जानकारी दे दी गई है।