जिक्रयोग है कि कुछ दिन पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदंर सिंह ने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया था। साथ ही नवजोत सिंह सिद्धू का स्थानीय निकाय विभाग बदलकर ब्रह्म मोहिंदरा को दे दिया था।
सभी मंत्रियों ने अपने विभाग ज्वाइन कर लिए थे, जबकि सिद्धू इस फेरबदल से नाराज चल रहे थे। उन्होंने नए विभाग की जिम्मेदारी भी नहीं ली थी। इसके बाद से वह दिल्ली में डेरा डाले हुए थे।
क्या कहते हैं अकाली नेता
मीडिया से बातचीत में अकाली दल के सीनियर नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि चुनाव के समय स्टेज पर चढ़कर नेता कुछ भी कह देते हैं। झूठी कसमें तक खा जाते हैं।
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा था कि अमेठी से राहुल गांधी हार गए तो वह राजनीति छोड़ देंगे। ऐसे में उन्हें जनता से किया वादा पूरा करना चाहिए। अगर वादा पूरा नहीं कर सकते तो लोगों के सामने खड़े होकर माफी मांगें, साथ ही कहें कि वह आगे से ऐसा वादा नहीं करेंगे।
पुलिस पोस्टर लगाने वाले तक पहुंच सकती है आसानी से
जिस जगह पर पोस्टर लगाए गए हैं, उसके पास ही ट्रैफिक लाइट प्वाइंट है। इसके अलावा पेट्रोल पंप है, जहां पर कैमरे लगे हुए हैं। इसके अलावा एक नामी प्राइवेट बस कंपनी का दफ्तर है। वहां भी कैमरे लगे हुए हैं। इन कैमरों की वजह से पहले भी आरोपी पकड़े गए थे। ऐेसे में पुलिस आरोपियों तक आसानी से पहुंच सकती है।
दर्ज हो सकता है केस, लग सकता है जुर्माना
जिस एरिया में पोस्टर लगाए गए थे, वह नगर निगम के अधीन आता है। वहां पर इस तरह पोस्टर लगाना मना है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ नगर निगम केस दर्ज करवा सकता है, साथ ही उक्त लोगों पर जुर्माना तक लग सकता है