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रबी फसलों के एमएसपी में वृद्धि से भाकियू नाखुश, सीएम मनोहर लाल ने जताया पीएम का आभार

Thu, 04 Oct 2018 09:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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 केंद्र सरकार के रबी फसलों के एमएसपी में की गई बढ़ोतरी से हरियाणा के किसान ज्यादा खुश नहीं हैं। भारतीय किसान यूनियन ने लागू मूल्य से डेढ़ गुणा बढ़ोतरी एमएसपी में न करने पर नाराजगी जताई है। यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी और प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि केंद्र सरकार अपने वादे से फिर मुकरी है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार एमएसपी में बढ़ोतरी नहीं की गई। 

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आयोग की रिपोर्ट अनुसार लागत से डेढ़ गुना मूल्य किसान को मिलना चाहिए, जिसे केंद्र सरकार ने नहीं निभाया है। चढ़ूनी ने कहा कि मोदी सरकार का लागत मूल्य से एमएसपी में डेढ़ गुना बढ़ोतरी करने का वादा जुमला ही निकला है। 

स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक गेहूं के एमएसपी में 44 रुपये कम, जौ के एमएसपी में 375 रुपये कम, चने के एमएसपी में 669 रुपये कम, सरसों में 429 रुपये कम और कुसुम के एमएसपी में 1023 रुपये कम बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने सी-टू फार्मूला के अनुसार एमएसपी में बढ़ोतरी नहीं की। सरकार ने ए-टू, एफएल का अपना ही फार्मूला बना लिया है, यह किसी किसान आयोग का फार्मूला नहीं है। किसानों को फसलों का एमएसपी सी-टू फार्मूला अनुसार मिलना चाहिए।

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मनोहर लाल ने जताया मोदी का आभार

सीएम मनोहर लाल - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2019-20 में विपणन की जाने वाली वर्ष 2018-19 की सभी रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा ‘वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में यह किसान मैत्री ठोस कदम है, जिससे किसानों को निश्चित रूप से उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत से अधिक के लाभ के साथ अतिरिक्त आय होगी। 

गेहूं की एमएसपी में 105 रुपये प्रति क्विंटल, कुसुम की एमएसपी में 845 रुपये प्रति क्विंटल, जौ की एमएसपी में 30 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर की एमएसपी में 225 रुपये प्रति क्विंटल, चने की एमएसपी में 220 रुपये प्रति क्विंटल तथा रेपसीड एवं सरसों की एमएसपी में 200 रुपये प्रति क्विंटल तक की वृद्धि की गई है।  इस वृद्धि से किसानों को विभिन्न फसलों की उत्पादन लागत पर 50.1 प्रतिशत से 112.5 प्रतिशत की रेंज में लाभ अर्जित होगा।
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