मगर न ही लिखित में छुट्टी मांगी, न ही मेडिकल रिपोर्ट डीसी व परिवहन मुख्यालय को भेजी। हालांकि, लाजपत राय मेडिकल रिपोर्ट भेजने का दावा कर रहे हैं। हड़ताली कर्मचारियों की बार-बार की हड़ताल के मद्देनजर सरकार एक सप्ताह के अंदर 930 कंडक्टर व पांच सौ ड्राइवर आउटसोर्सिंग पॉलिसी-2 के तहत भर्ती करेगी। इसके लिए विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया बुधवार को शुरू कर दी गई। प्रोबेशन पर चल रहे नवनियुक्त लिपिकों ने भी हड़ताल में भाग लिया है, उनकी सेवाएं भी समाप्त की जाएंगी।
सीएम ने खुद संभाला मोर्चा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जनता को हो रही असुविधाओं के मद्देनजर बुधवार को खुद मोर्चा संभाला। कड़ा संज्ञान लेते हुए सीएम ने समीक्षा बैठक ली। इसमें ही अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने व सेवा से बाहर करने का निर्णय लिया गया। प्रोबेशन अविध पर चल रहे जिन चालकों ने पांच सितंबर की व इस हड़ताल में हिस्सा लिया, उन्हें बिना कारण बताओ नोटिस के नौकरी से निकालने के आदेश जारी किए गए।
आऊटसोसिंग पॉलिसी-2 के तहत 2016 में ठेके पर लगे 252 चालकों में से जिन्होंने हड़ताल में भाग लिया है, उनकी सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं। बैठक में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, परिवहन विभाग के अतिक्ति मुख्य सचिव धनपत सिंह के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।