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दशहरा तक जारी रहेगी रोडवेज की हड़ताल, सरकार ने भी कड़े किए तेवर, एक सप्ताह में होगी नई भर्ती

Wed, 17 Oct 2018 10:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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रोडवेज की हड़ताल
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हरियाणा सरकार और रोडवेज कर्मचारियों के बीच किलोमीटर स्कीम के तहत 700 बसें चलाने को लेकर तनातनी और बढ़ गई है। सरकार स्कीम पर पीछे हटने को तैयार नहीं है तो रोडवेज कर्मचारियों ने भी आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। बुधवार को खत्म हो रही दो दिन की हड़ताल रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने 19 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। 

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अब दशहरा पर भी रोडवेज का चक्का जाम रहेगा। कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार भी कड़े तेवरों में आ गई है। परिवहन विभाग ने सीएम मनोहर लाल से बैठक के बाद हड़ताली कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। हड़ताल में शामिल लगभग 175 कर्मियों की सेवाएं बुधवार को खत्म कर दी गईं। इनमें सौ प्रोबेशनर्स चालक-परिचालक और 75 आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं। इसके अलावा जिन भी पक्के कर्मचारियों पर एस्मा के तहत कार्रवाई हुई है, उन्हें निलंबित किया जा रहा है। 

परिवहन विभाग ने रोडवेज के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है। पलवल के रोडवेज महाप्रबंधक लाजपत राय को निलंबित करने की सिफारिश की गई है। रेवाड़ी के ड्यूटी इंस्पेक्टर करण सिंह व बहादुरगढ़ के वर्क्स मैनेजर भगवान दहिया को ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है। लाजपत राय हड़ताल से एक दिन पहले एसीएस परिवहन धनपत सिंह को फोन कर छुट्टी पर चले गए। उन्होंने इसका कारण पीठ दर्द बताया। 

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haryana roadways - फोटो : फाइल फोटो
मगर न ही लिखित में छुट्टी मांगी, न ही मेडिकल रिपोर्ट डीसी व परिवहन मुख्यालय को भेजी। हालांकि, लाजपत राय मेडिकल रिपोर्ट भेजने का दावा कर रहे हैं। हड़ताली कर्मचारियों की बार-बार की हड़ताल के मद्देनजर सरकार एक सप्ताह के अंदर 930 कंडक्टर व पांच सौ ड्राइवर आउटसोर्सिंग पॉलिसी-2 के तहत भर्ती करेगी। इसके लिए विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया बुधवार को शुरू कर दी गई। प्रोबेशन पर चल रहे नवनियुक्त लिपिकों ने भी हड़ताल में भाग लिया है, उनकी सेवाएं भी समाप्त की जाएंगी।

सीएम ने खुद संभाला मोर्चा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जनता को हो रही असुविधाओं के मद्देनजर बुधवार को खुद मोर्चा संभाला। कड़ा संज्ञान लेते हुए सीएम ने समीक्षा बैठक ली। इसमें ही अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने व सेवा से बाहर करने का निर्णय लिया गया। प्रोबेशन अविध पर चल रहे जिन चालकों ने पांच सितंबर की व इस हड़ताल में हिस्सा लिया, उन्हें बिना कारण बताओ नोटिस के नौकरी से निकालने के आदेश जारी किए गए। 

आऊटसोसिंग पॉलिसी-2 के तहत 2016 में ठेके पर लगे 252 चालकों में से जिन्होंने हड़ताल में भाग लिया है, उनकी सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं। बैठक में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, परिवहन विभाग के अतिक्ति मुख्य सचिव धनपत सिंह के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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