ड्राइवर-कंडक्टर उन्हीं का होगा। डीजल भी खुद डलवाएंगे। टोल की राशि सरकार वहन करेगी, रोडवेज बसों के परमिट पर ही इन बसों को दौड़ाया जाएगा। हायर की गई बसों पर ऑन गवर्नमेंट डयूटी लिखा होगा। सरकार रोडवेज कर्मचारियों से बातचीत करने को तैयार हैं, लेकिन किलोमीटर स्कीम के मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं होगी। सरकार किसी भी तरह से हड़ताली कर्मचारियों की ब्लैकमेलिंग का शिकार नहीं होगी।
एचसीएस गौरव आंतिम गुरुग्राम डिपो में देंगे सेवाएं
हड़ताल को देखते हुए सरकार ने एचसीएस गौरव आंतिल की बाजरा खरीद की निगरानी के लिए हिसार में लगाई गई ड्यूटी कैंसिल कर दी है। आंतिल गुरुग्राम डिपो में महाप्रबंधक पद पर ही सेवाएं देंगे। एसीएस परिवहन धनपत सिंह ने डीसी हिसार अशोक कुमार मीणा को पत्र लिखकर इससे अवगत करा दिया है। उन्हें आंतिल की जगह वैकल्पिक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। हालात सामान्य होने तक वह डिपो में ही रहेंगे।
सरकार ने 905 कंडक्टर के साथ पांच सौ ड्राइवर अनुबंध व दैनिक वेतन भोगी आधार पर रखने का विज्ञापन जारी कर दिया है। डिपुओं में हड़ताल के कारण पर्याप्त कर्मचारी मौजूद नहीं हैं। इसलिए मंडल और जिला रोजगार अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रोडवेज के डिपुओं में आवेदकों से फार्म एकत्रित करें। साथ में पांच-छह सक्षम युवा तैनात किए जाएं ताकि आवेदक कोई हंगामा खड़ा न कर सकें।
संचालित बसों का अलग रखा जाएगा हिसाब-किताब
अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने सभी डिपो के जीएम को हड़ताल के दौरान संचालित रोडवेज और निजी बसों का हिसाब-किताब अलग रखने के निर्देश दिए हैं। इन बसों में सवारियों से फ्लैट किराया वसूले जाने पर यह फैसला लिया गया है। ऑडिट में कोई दिक्कत न हो, इसलिए हड़ताल की अवधि के दौरान बसों से हुई कमाई का अलग ही बहीखाता डिपो अनुसार रहेगा।
सहकारी बसों के बढ़ाए जाएंगे फेरे, सिर्फ प्रदेश पर फोकस रहेगा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्देश दिए हैं कि हड़ताल की अवधि के दौरान लंबे रूट पर बस सेवा न दी जाए। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के बीच ही बसें चलाने की कोशिश करें। अगर कहीं बसें न चल पा रहीं तो तुरंत कर्मचारियों की डिमांड परिवहन मुख्यालय को भेजें, जिससे कि उचित प्रबंध कर सकें। सहकारी बसों का निर्धारित रूट और आगे बढ़ा दें, साथ ही इन बसों के अधिक से अधिक फेरे लगवाए जाएं।