खासकर रात के समय तो ये प्राइवेट चालक यात्रियों का खूब आर्थिक शोषण कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें रात के समय कोई बसें अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए नहीं मिल रही है। चंडीगढ़ निवासी गिरीश व संजय ने बताया कि उन्हे जयपुर से चंडीगढ़ आना था। वे लोग अंबाला तक तो ट्रेन से पहुंच गए, लेकिन उसके बाद उन्हे अंबाला से चंडीगढ़ तक पहुंचने के लिए प्राइवेट टैक्सी को 300 रुपये प्रति व्यक्ति देना पड़ा। जबकि अंबाला से चंडीगढ़ का बस किराया महज 60 रुपये हैं।
दूसरी ओर, परिवहन विभाग भी आनन-फानन में चालकों और परिचालकों की तीन महीनों के लिए नियुक्तियां कर रहा है। सभी रोडवेज डिपोओं पर तैनात महाप्रबंधकों को इन अस्थायी भर्तियों की जिम्मेवारी सौंपी गई है। उधर, इसी हड़ताल का समर्थन देते हुए चंडीगढ़ परिवहन के वर्करों ने भी रविवार को सिर्फ हरियाणा के लिए चक्का जाम का एलान किया है।
चंडीगढ़ गर्वनमेंट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन के प्रधान जसवंत ने बताया कि रविवार को सीटीयू की कोई बस हरियाणा के लिए रवाना नहीं की जाएगी। उनके अनुसार सीटीयू की बसें रविवार को दिल्ली भी नहीं जाएंगी, क्योंकि दिल्ली जाने के लिए बसों को हरियाणा से गुजरना होगा।