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हड़तालः पांच नेताओं की गिरफ्तारी के बाद और बिगड़ सकते हालत, कर्मचारियों ने किया आर-पार का एलान

Sun, 28 Oct 2018 09:35 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/रोहतक
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Haryana Roadways strike - फोटो : फाइल फोटो
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निजी बसों को किलोमीटर स्कीम पर चलाने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की 16 अक्तूबर से चल रही हड़ताल शनिवार को 12वें दिन भी जारी रही। सीएम मनोहर लाल के कार्यकाल में रोडवेज हड़ताल का 39 साल पुराना रिकार्ड टूट गया है। भजनलाल के कार्यकाल में 1979 में 11 दिनों बाद हड़ताल खत्म हो गई थी। तब भजनलाल ने कर्मचारियों की मांगें मान ली थीं, लेकिन मनोहर लाल सरकार झुकने को तैयार नहीं है।

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शनिवार को सरकार ने रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के 15 नेताओं को गिरफ्तारी के आदेश दिए और शाम तक विभिन्न जिलों से 5 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे खफा कर्मचारी नेताओं ने आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। उनका कहना है कि उनके सामने अब करो या मरो की स्थिति बन गई है। सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा का कहना है कि सरकार के फैसले के बाद कर्मचारी खफा हैं। सोमवार से दो लाख सरकारी कर्मचारी रोडवेज कर्मियों के समर्थन में हड़ताल पर चले जाएंगे।

इन्हें गिरफ्तार किया गया
हरियाणा सरकार के आदेश पर पुलिस ने देरशाम तक तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य इंद्र बधाना, बाबूलाल यादव, आजाद गिल, सुल्तान सिंह और कुलदीप पाबड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य नेताओं की धरपकड़ जारी है। इसके बाद से कर्मचारियों में और आक्रोश पनप गया है। तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि सरकार ने अपनी तानाशाही और हिटलरशाही दिखाते हुए प्रदेश में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है।

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गिरफ्तारियों से कमजोर नहीं होगा आंदोलन : लांबा

रोडवेज का चक्का जाम - फोटो : अमर उजाला
 सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने रोडवेज के हड़ताली कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार करने की घोर निंदा की है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि एस्मा लगाने, नेताओं को गिरफ्तार करने, निलंबित करने से हड़ताल को कमजोर नहीं किया जा सकता। सरकार के इन हथकंडों से आंदोलन और भड़क सकता है।

उन्होंने कहा कि रविवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, हरियाणा संयुक्त कर्मचारी संघ, शिक्षक तालमेल कमेटी, आल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन, नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा, मेकेनिकल वर्करस यूनियन, हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी संघ, शिक्षा विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी आदि संगठनों की मीटिंग आयोजित की जाएगी। इसमें आपसी सहमति से रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन और सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ हड़ताल का निर्णय लिया जा सकता है।

आला अफसर और परिवहन मंत्री कर्मचारी नेताओं से बातचीत कर हड़ताल खत्म करने का हरसंभव प्रयास कर चुके हैं। कुछ कर्मचारी नेता अन्य रोडवेज कर्मियों को भड़काकर हड़ताल को लंबा खींच रहे हैं, जिससे जनता खासी परेशान हो रही है। - धनपत सिंह, एसीएस, परिवहन विभाग
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लंबी दूरी की बसें नहीं चलीं, यात्री परेशान

हरियाणा रोडवेज बस - फोटो : फाइल फोटो
शनिवार को सरकार ने दो हजार से अधिक बसों के सड़कों पर उतरने का दावा किया, लेकिन यात्रियों को कोई राहत नहीं मिलीं। लंबी दूरी पर बसें कम ही चलीं। आसपास के जिलों तक चलने वाली बसों ने भी एक-दो ही फेरे लगाए। इस बीच दिहाड़ी के चालकों ने कई बसों को खराब करके वर्कशॉप में पहुंचा दिया है। अनुभवहीन चालकों ने कई जगहों पर हादसे किये। निजी बसों में परिचालक ने छात्राओं के साथ बदतमीजी की। अधिक पैसा लेकर कम पैसे का टिकट देने के भी आरोप लगे।

अब होगा आरपार का आंदोलन : कमेटी
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के नेताओं ने संयुक्त बयान में सरकार पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक संरक्षण में प्रभावशाली लोगों की बसें महंगे रेट पर बेडे़ में लाना चाहती है। सरकार की मंशा स्टाफ की कमी और टायरों की कमी के कारण विभिन्न डिपो में खड़ी करीब 800 बसों का संचालन करवाने की नहीं है। तालमेल कमेटी के सदस्यों ने हड़ताल को लंबा खिंचवाने का सबसे ज्यादा जिम्मेदार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह को ठहराया है।
        
सरकार का दावा

- 30 ड्राइवर, 10 कंडक्टर, 10 मकैनिक, 20 नियमित, 10 प्रोबेशन का स्टाफ काम पर लौट आया है। शनिवार को सड़कों पर 2405 बसें दौड़ीं।
- 136 ड्राइवर-कंडक्टर और 2 क्लर्क और हुए निलंबित, उनके खिलाफ एस्मा के तहत केस दर्ज कराया गया है।
- आउट सोर्सिंग पॉलिसी के तहत 905 कंडक्टरों की भर्ती के लिए मेरिट लिस्ट तैयार। शीघ्र जारी होगी सूची।
- 1059 सोसायटी और आरटीए के माध्यम से 120 निजी बसें विभिन्न रूटों पर चलीं।
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