देश के एक गांव में अब सेना के अफसर तैयार किए जाएंगे। इसके लिए शस्त्र प्रारंभिक संस्थान (आर्मड प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट) बनाने का निर्णय लिया गया है, जिसकी आधारशिला सीएम रखेंगे। बीर बंदा बैरागी की स्मृति में गांव खांड़ा में आर्मड प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट (शस्त्र प्रारंभिक संस्थान) बनाया जाएगा। जहां सेना के लिए अधिकारी तैयार किए जाएंगे। खांडा गांव में महंत किशोर दास के मठ में बीर बंदा बैरागी ने आकर अपनी सेना तैयार की थी।
यहां पर रूप दास ने शस्त्र शिक्षा ली थी और बाद में वह राजा बने थे। जिसके चलते ही बंदा बैरागी के नाम पर संस्थान बनाया जा रहा है। खांडा गांव के 50 एकड़ में शस्त्र प्रारंभिक संस्थान बनाया जाएगा। जिस पर 3 नवंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस संस्थान की आधारशिला रखेंगे। कार्पोरेट मंत्रालय में उत्तरी जोन के निदेशक डा. राज सिंह ने बताया कि 1709 में धर्म योद्धा वीर बंदा बैरागी अपनी सेना का गठन करने के लिए खांडा गांव में महंत किशोर दास के मठ में आए थे।
उस दौरान खांडा निवासी 13 वर्षीय रूप दास ने उनका स्वागत किया था। महंत रूप दास ने वीर बंदा बैरागी से ही युद्ध विद्या सीखी और बाद में वह छत्तीसगढ़ स्थित छुई खदान के राजा बने थे। ऐसे में राजा रूप दास के गुरू बंदा बैरागी की स्मृति में खांडा में शस्त्र प्रारंभिक संस्थान (आर्मड प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट) बनाने का निर्णय लिया गया है।