हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा बुधवार को हड़ताल पर अड़ा हुआ है। मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि वह हर हाल में चक्का जाम कर रहेंगे। वहीं, हरियाणा रोडवेज प्रशासन ने भी इसके लिए तैयारियां कर रखी हैं। मुख्यालय ने सभी जीएम को निर्देश दिए हैं कि किसी भी कीमत हड़ताल नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जरूरी उपाय कर रखें।
वहीं, कई रोडवेज के जीएम ने उपायुक्त को पत्र लिखकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर पुलिस बल तैनात करने की मांग की है, ताकि गाड़ियों को रोकने और टायरों की हवा निकालने की स्थिति में हड़ताली कर्मचारियों को रोका जा सके।
मोर्चा के सदस्य जयवीर सिंह घनघष ने बताया कि सांझा मोर्चे के प्रतिनिधि मंडल की परिवहन मंत्री व उच्च अधिकारियो के साथ बीते साल 11 जनवरी, 10 मार्च, 23 जून और 13 दिसंबर को चार दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार कर्मचारियों की मांगों को जायज मानती हैं, जिन्हें शीघ्र लागू करने का आश्वासन देती रही है, मगर इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं करती।
इससे कर्मचारियों में सरकार की कार्यशैली व वायदाखिलाफी के खिलाफ बहुत रोष हैं। सरकार मानी गई मांगो को लागू न करके रोडवेज कर्मचारियों को हड़ताल जैसे आंदोलन करने को मजबूर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बार बातचीत के लिए बुलाया भी नहीं। जबकि उन्हें कई बार रिमांइडर भेजा जा चुका है।
वहीं, राज्य परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस का मौका है। लोगों का आना जाना होता है। ऐसे में हड़ताल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य के सभी जीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वह हड़ताल के बुलावे को देखते हुए उचित कदम उठाएं। इसके लिए अतिरिक्त बस की व्यवस्था भी रखें।
किसी भी यात्री को परेशानी नहीं आनी चाहिए। अंदेशा जताया जा रहा है कि सांझा मोर्चा के लोग बस अड्डे के मेन गेट पर बसों को रोक सकते हैं। इसलिए बस अड्डे के लिए पुलिस बल और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग की गई है।
मोर्चा ने बताया कि उनकी मुख्य मांगों में हिट एंड रन भारतीय न्याय संहिता काले कानून को तुरंत वापस करने, 265 मार्गों पर असीमित परमिट पॉलिसी को वापस लेकर रोडवेज बेड़े में नई बसे खरीदी जाए, परिचालक,चालक, लिपिकों की वेतन विसंगति दूर की जाए और देय अवकाश कटौती पत्र को वापस लिया जाए।