दिसंबर में एकत्रित सकल जीएसटी राजस्व में 22 फीसदी की वृद्धि के साथ हरियाणा पांचवें स्थान पर बना हुआ है। 2022 में दिसंबर में जीएसटी संग्रह में 6678 करोड़ रुपये आए थे, जबकि 2023 में 8,130 करोड़ रुपये आए हैं।
वहीं, ओवरऑल राष्ट्रीय वृद्धि 10 फीसदी, हिमाचल प्रदेश में 5%, पंजाब में 8%, दिल्ली में 16% और जम्मू कश्मीर में 20% की दर से वृद्धि दर्ज की है। इसके साथ ही आबकारी एवं कराधान विभाग ने पहली तीन तिमाहियों में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए कुल बजट लक्ष्य का 80% सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। इस वर्ष का कुल बजट अनुमान 57,931 करोड़ रुपये है और 31 दिसंबर 2023 तक विभाग ने विभिन्न मदों के तहत सफलतापूर्वक 46,349 करोड़ रुपए जमा किए हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि विभाग ने दिसंबर महीने में जीएसटी संग्रह में असाधारण प्रदर्शन किया है, जिससे राज्य की आर्थिक सुरक्षा में मजबूती आई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी कलेक्शन में हुई यह वृद्धि प्रदेश की आर्थिक प्रगति को तो दर्शाती ही है, साथ ही यह राज्य के विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत भी है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि हम आगे भी ऐसे ही प्रगति करते रहेंगे और हरियाणा को आर्थिक और वित्तीय स्तर पर एक मजबूत राज्य बनाएंगे। विभाग के मुताबिक, 31 दिसंबर तक एसजीएसटी के तहत 15 फीसदी वृद्धि के साथ 29235 करोड़ रुपये, 15 फीसदी वृद्धि के साथ उत्पाद शुल्क में 8533 करोड़ रुपये और वैट में 8531 करोड़ रुपये की राजस्व में आए हैं।