डिजिटलाइजेशन के दौर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत बनाए जाने वाले राशन कार्डों के मामले में एक बड़ी अनियमितता सामने आई है। चौंकाने वाली बात यह है कि ई-पीडीएस के लिए तैयार किए जा रहे डाटाबेस में 13 लाख, 86, 461 आधार नंबर नकली मिले हैं।
यह संख्या अब तक सत्यापित आधार नंबरों की संख्या का करीब 16 फीसदी है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कंबोज के मुताबिक सभी फर्जी कार्डों को निरस्त किया जाएगा। इनकी संख्या लाखों में हैं, जिसके लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे।
विभाग की ओर से हरियाणा के सभी जिलों में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया के तहत नए सिरे से राशन कार्ड धारकों से संबंधित जानकारियां अपडेट की गईं। अब तक हुए सर्वे के दौरान करीब 13.86 लाख नकली आधार नंबरों का खुलासा हुआ है।
मंत्री कर्णदेव कंबोज ने बताया कि डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं। पहले से तैयार लाखों फर्जी राशन कार्ड की पुष्टि हुई है, जिनका पूरा ब्यौरा न होने की वजह से उनसे संबंधित ब्यौरा सिस्टम में शामिल नहीं किया गया।
इसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक पीडीएस का फायदा पहुंचाना है, लेकिन जिन्होंने फर्जी तरीके से राशन कार्ड बनवाए हैं, उनके नाम काट दिए जाएंगे। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हर महीने सस्ते अनाज ले रहे लोगों को इसका फायदा नहीं मिल सकेगा।
विभागीय आंकड़े के मुताबिक अब 2940875 राशन कार्ड का वेरिफिकेशन किया गया। इनमें से 8646676 ऐसे सदस्य मिले, जिनके आधार कार्ड का वेरिफिकेशन किया जा सका। इनमें से 13,86,461 आधार कार्ड नकली निकले, जिनकी संख्या फरीदाबाद से सर्वाधिक 275324 है।
आधार नंबरों में लाखों की संख्या में डुप्लिकेसी हुई है। विभागीय अधिकारियों को 31 जनवरी से पहले सभी पहलुओं की जांच के बाद राशन कार्ड संबंधी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें फर्जी पाए जाने वाले सभी राशन कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे।
- एसएस प्रसाद, एडीशनल चीफ सेक्रेटरी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हरियाणा