हरियाणा डायल-112 कार्यक्रम के सुचारू व प्रभावी संचालन और चालकों की कमी को पूरा करने के लिए हरियाणा पुलिस में 3500 विशेषज्ञ चालकों की भर्ती की जाएगी। इनमें से 1500 ड्राइवरों की एसपीओ (विशेष पुलिस अधिकारी) के रूप में और 2000 एसपीओ (पूर्व सैनिक और अर्धसैनिक) की भर्ती होगी।
यह जानकारी मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को यहां हरियाणा डायल-112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) की स्थायी वित्त समिति की बैठक के बाद दी। बता दें कि फिलहाल पुलिस विभाग में पुलिस के जवान ही गाड़ियां चला रहे हैं। इसी प्रकार, डायल 112 की सभी गाड़ियों को भी पुलिस कर्मचारी ही चला रहे हैं।
सरकार चाहती है कि गाड़ियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित चालक ही चलाएं, इसलिए यह भर्ती की जाएगी। बैठक के दौरान बताया गया कि मई में डायल-112 का औसत रिस्पॉन्स समय लगभग 15 मिनट था और पिछले महीने में शिकायतकर्ता संतुष्टि 94.88 प्रतिशत रही है, जो इसके लॉन्च के बाद से सबसे अधिक है।
17,600 कॉल दैनिक आधार पर रिसीव की जा रहीं: विज
गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि डायल-112 प्रोजेक्ट के प्रति लोगों का विश्वास काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि लॉन्च के बाद से पहले 10 महीनों में कॉल सेंटर में 43 लाख कॉल आए, जिनमें से 5.5 लाख कॉल पर पुलिस वाहन को मौके पर भेजा गया। मई, 2022 के दौरान डायल-112 कॉल सेंटर पर दैनिक आधार पर लगभग 17,600 कॉल रिसीव की जा रही हैं।
विज ने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं को कम से कम समय में हल करने के लिए समर्पित है। बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार अग्रवाल, एडीजीपी एएस चावला, पुलिस अधीक्षक, ईआरएसएस राजेश कालिया और सचिव, वित्त-सह-सलाहकार सोफिया दहिया मौजूद रहीं।