पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर पानीपत पहुंचे वारंट ऑफिसर से बदसलूकी करना सीआईए स्टाफ को भारी पड़ गया। डीजीपी ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि सीआईए स्टाफ पानीपत के इंस्पेक्टर समेत अन्य अधिकारियों को करनाल में लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके साथ ही इनके खिलाफ विभागीय जांच की जिम्मेदारी करनाल के एसपी को सौंपी गई है।
हाईकोर्ट में सौंपी शिकायत में बाला देवी ने बताया कि पानीपत सीआईए थाने में सोनू को अवैध रूप से रखा गया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने एडवोकेट भाग सिंह को वारंट ऑफिसर नियुक्त करते हुए यह देखने का आदेश दिया था कि सोनू हिरासत में है या नहीं। जब वह सीआईए थाने पहुंचे तो पुलिस ने बताया कि सोनू की दो आपराधिक मामलों में तलाश थी। इस दौरान जब वारंट ऑफिसर ने आगे पूछताछ की तो सीआईए स्टाफ ने उनके साथ बदसलूकी की। इतना ही नहीं जब वे वहां से निकले तो उनका पीछा भी किया गया।
वारंट ऑफिसर ने अपनी रिपोर्ट में यह पूरी जानकारी हाईकोर्ट को सौंप दी। हाईकोर्ट को बताया गया कि जिन दो एफआईआर की बात सीआईए थाने में की गई थी उनमें सोनू का नाम तक नहीं था। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीजीपी को अगली सुनवाई पर निजी हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा कि दोषी के खिलाफ क्या कार्रवाई की है। हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि यदि अगली सुनवाई तक जवाब नहीं आया तो डीजीपी को खुद हाईकोर्ट में पेश होना होगा।
अब डीजीपी ने हलफनामा दाखिल करते हुए बताया कि सीआईए स्टाफ के इंस्पेक्टर समेत अन्य अधिकारियों को एक्टिव ड्यूटी से हटाकर लाइन हाजिर किया गया है। उनकी ड्यूटी अब पुलिस लाइन में लगाई गई है और उनके खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया गया है। जांच की जिम्मेदारी करनाल के एसपी को सौंपी गई है। हाईकोर्ट ने इस जानकारी को रिकॉर्ड पर लेते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।