एएसआई: जनाब, मैं तो चोर का पता चाहता हूं।
बाबा: अब पुलिस हमसे चाह रही है कि उन्हें चोर का पता मैं बताऊं। यानी हरियाणा पुलिस के हनुमान जी ये चाहते हैं। कोई नहीं, मदद करूंगा। शक्ति बनी ही इसलिए है।
एएसआई: शक्ति से बड़ा कुछ भी नहीं है।
बाबा: पंजाब बॉर्डर से आपके घर चोरी करने वाले पकड़े जाएंगे। मगर, माल बरामद हो या न हो, ये नहीं पता। एक अपराधी पकड़ा जाएगा, जिससे उनकी पूरी चेन का पता लगेगा।
एएसआई: बहुत-बहुत धन्यवाद।
बाबा: जिस समय आपके यहां चोरी हुई, आप कहां गए थे?
एएसआई: मैं अपने पैतृक गांव जींद जिला के गांव सिवाह गया था।
बाबा: 23 दिसंबर को आप नकली लिखा-पढ़ी करवा कर छुट्टी चले गए थे।
एएसआई: जी, मुझे जरूरी काम था।
बाबा: सरकारी क्वार्टर में चोरी की सूचना आपको बलबीर और उसकी पत्नी कविता ने दी है। पहले कविता ने फोन किया था।
एएसआई: हां, जी।
बाबा: आपने, 3 लाख 75 हजार का नुकसान प्रथम दर्ज करवाया है, जोकि सही नहीं है। चोरी इससे भी अधिक है।
एएसआई: हां जी, ऐसा ही है।
बाबा: तुम्हारे सरकारी क्वार्टर नंबर 151 में ही सुराग छिपा है। वापस जाइए मिलेगा। पंजाब बॉर्डर से अपराधी मिलेगे।
एएसआई: बस चोर का पता लग जाए, उसका नंबर मिल जाए।
बाबा: सब मिल जाएगा लेकिन पहले तुम्हारी जानकारी निकालनी पड़ेगी। कही ऐसा न हो, किसी की हत्या हो जाए और उसके भागीदार हमें बना दो।
एएसआई: नहीं जी, नहीं। ऐसा नहीं होगा।
बाबा: चलिए, जल्द समाधान होगा।
40 तोला सोना, 3.75 लाख कैश चोरी
चांदनीबाग थाना के एएसआई कृष्ण कुमार ने बताया कि वह जींद के गांव सिवाह का रहने वाला है। हाल में वह पुलिस लाइन के क्वार्टर नंबर 151 में परिवार सहित रहता है। 23 दिसंबर को उसके क्वार्टर में चोरी हो गई। सूचना मिलने पर वह क्वार्टर में पहुंचा तो क्वार्टर के मेन दरवाजे का लॉक खुला हुआ था। अंदर के कमरे का भी ताला टूटा हुआ था। अलमारी का सारा सामान, कपड़े बिखरे थे।
अलमारी से 3.75 लाख का कैश, 10 तोला सोने की चेन लॉकेट समेत, 15 तोला के तीन कड़े, तीन तोले का नेकलेस, तीन तोला का मगंल सूत्र, एक तोला की बच्चे की सोने की चेन, एक तोला की गलसरी, 8 तोला की 12 सोने की अंगूठियां, दो तोला वजनी किट्टी सेट, चार तोला वजनी 2 सेट, 2 तोला वजनी 1 चेन लॉकेट, 4 तोला वजनी 5 जोड़ी झुमके, आधा तोला वजनी सोने के घुगंरू और करीब 1 किलो चांदी के जेवर गायब थे।