फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू पर निकाय विभाग का एक्शन, विदेश से लौटने से पहले पद से हटाया

Sat, 31 Dec 2022 09:00 AM IST
मोहाली ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)

सार

अगर मेयर जीती सिद्धू उच्च न्यायालय जाते हैं और उन्हें स्टे मिल जाता है तो वह अदालत का फैसला आने तक पद पर बने रहेंगे। वहीं अगर उन्हें उच्च न्यायालय से स्टे नहीं मिलता है तो उनके वार्ड में छह महीने के अंदर चुनाव होने तय हैं।
विज्ञापन
मोहाली नगर निगम।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मोहाली नगर निगम के मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू की पार्षद की सदस्यता पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग ने खत्म कर दी है। इस पर पिछले करीब पांच महीने से तलवार लटकी थी। वहीं भाई का पद जाने के बाद ही पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू अपने पक्ष के पार्षदों को बचाने में जुट गए हैं। इस संबंध में विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

विज्ञापन


विभाग के आदेश के बाद अब अमरजीत सिंह जीती सिद्धू नगर निगम के मेयर भी नहीं रह पाएंगे। अमरजीत सिंह जीती सिद्धू फिलहाल अपने किसी निजी कार्य के लिए छुट्टी पर विदेश गए हैं। उनकी छुट्टी के दौरान ही स्थानीय निकाय विभाग के सचिव ने आदेश जारी कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी है।

कार्रवाई करने से पहले निजी सुनवाई का भी दिया था मौका
इस कार्रवाई से पहले विभाग ने मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू को एक नोटिस जारी कर 20 दिसंबर को निजी सुनवाई के लिए बुलाया था। इस पर मेयर ने अपने वकीलों के साथ कार्यालय में पेश होकर मंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखा था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि उनकी ओर से जो भी काम किए गए हैं, वे नियमों के अनुसार ही किए गए हैं। विपक्षी गुट की तरफ से केवल राजनीति से प्रेरित होकर उन पर आरोप लगाकर मेयर के पद से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय जा सकते हैं मेयर
सरकार ने मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू की पार्षद की सदस्यता खारिज करने का फैसला सुनाया है, उसके खिलाफ मेयर उच्च न्यायालय जा सकते हैं। सरकार के फैसले के खिलाफ मेयर के करीबियों ने कहा कि सरकार ने जो फैसला किया है, वह पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा और सरकार के इन आदेशों पर स्टे आर्डर लेने का प्रयास किया जाएगा।

कैसी रहेगी अब शहर की राजनीति
अगर मेयर जीती सिद्धू उच्च न्यायालय जाते हैं और उन्हें स्टे मिल जाता है तो वह अदालत का फैसला आने तक पद पर बने रहेंगे। वहीं अगर उन्हें उच्च न्यायालय से स्टे नहीं मिलता है तो उनके वार्ड में छह महीने के अंदर चुनाव होने तय हैं। वहीं स्थानीय निकाय विभाग के निर्देशों पर नगर निगम में एक बैठक रखी जाएगी। इसमें नया मेयर बनाने के लिए एजेंडा लाकर नया मेयर बनाने के लिए भी नगर निगम हाउस के 50 पार्षदों की वोटिंग करवाई जाएगी।

ये है मामला
निकाय विभाग ने मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू को 15 सितंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें कहा गया था कि उन्होंने उस सोसायटी को काम दिया है जिसके वह खुद सदस्य हैं। ऐसा करना नियमों का उल्लंघन है। इस पर उनसे 15 दिन में जवाब मांगा गया था। इसके बाद मेयर ने सरकार के पास अपना जवाब पेश करने के बजाय 15 दिन का समय खत्म होने से दो दिन पहले पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नोटिस को खारिज करने की अपील की थी लेकिन अब हाईकोर्ट ने भी उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें