हरियाणा लोक सेवा आयोग की पीजीटी भर्ती में गलत उत्तर देने पर प्रति उत्तर एक चौथाई अंक काटे जाएंगे। परीक्षा में पांचवां गोला भरना भी अनिवार्य होगा, जो अभ्यर्थी इसे नहीं भरेगा, उसके भी एक चौथाई अंक काटे जाएंगे। इसके अलावा, लिखित परीक्षा में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के लिए 50 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 45 प्रतिशत अंक लेने अनिवार्य होंगे, जिनके इससे नीचे अंक होंगे, उनको साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया जाएगा।
हरियाणा लोक सेवा आयोग ने भर्ती के संबंध में पाठ्यक्रम और गाइडलाइन जारी की है। लिखित परीक्षा में कुल प्रश्न 150 होंगे। इनमें से 100 प्रश्न संबंधित विषय के होंगे और 50 प्रश्न मनोविज्ञान शिक्षा, प्रैक्टिस ऑफ टीचिंग, सामान्य जागरूकता, सामान्य मानसिक क्षमता, समझ, तार्किक, विशलेषण क्षमता, निर्णय लेने और समस्या के समाधान, भौतिकी, अर्थव्यवस्था, इतिहास और हरियाणा से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे।
परीक्षा का समय 2:30 घंटे रहेगा। प्रत्येक प्रश्न के साथ पांच विकल्प होंगे। अगर कोई चारों में किसी भी विकल्प को नहीं भरता है तो उसे पांचवां गोला भरना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों का चयन मैरिट के आधार किया जाएगा। इसमें प्रतिशत लिखित परीक्षा 87.5 और साक्षात्कार के 12.5 प्रतिशत अधिमान रहेगा।
4476 पदों पर होनी है भर्ती
एचपीएससी की ओर से कुल 4476 पदों पर भर्ती की जानी है। इसमें शेष हरियाणा के लिए विषयों के लिए 3863 और मेवात कैडर में 8 विषयों के लिए 613 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। कंप्यूटर साइंस में सबसे अधिक 1633 पद भरे जाएंगे। फिजिकल एजुकेशन के 680, फाइन आर्ट्स के 580, गणित के 250, राजनीति विज्ञान के 240, इतिहास के 220, कॉमर्स के 180, संगीत के 80 पदों को भरा जाएगा। परीक्षा फरवरी 2023 के दूसरे-तीसरे सप्ताह में संभव है।
निगेटिव मार्किंग का विरोध कर रहे अभ्यर्थी
पीजीटी भर्ती में निगेटिव मार्किंग और 50 प्रतिशत की शर्त लगाने का अभ्यर्थी विरोध जता रहे हैं। इस बारे में अभ्यर्थी एचपीएससी के चेयरमैन आलोक वर्मा और सचिव डॉ. यश गर्ग से भी मुलाकात करके अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा के पैट्रन से दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों का अधिक चयन होगा और प्रदेश के युवा चयन प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने मांग की है कि प्रक्रिया को बदला जाएगा। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता श्वेता ढुल ने भी इसके लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि परीक्षा में या तो 50 प्रतिशत की शर्त रखी जाए या फिर निगेटिव मार्किंग रखी जाए।