रोहतक सिविल लाइन थाने के बाहर तैनात भारी सुरक्षाबल।
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उधर, इस बारे में पूर्व मंत्री ग्रोवर का कहना है कि धनखड़ बंधुओं और कुंडू में लेन-देन का विवाद है, सियासत चमकाने के लिए उनका नाम घसीटा जा रहा है। कभी सड़क निर्माण के कारोबार में कुंडू के साथी रहे नरेंद्र धनखड़ ने एक दिन पहले सिविल लाइन थाने में केस दर्ज कराया था कि उसकी कंपनी की बलराज कुंडू की कंपनी के साथ कारोबार में सहभागिता थी।
आरोप है कि कुंडू ने उसकी कंपनी को साढ़े 10 करोड़ रुपये नहीं लौटाए। इसको लेकर दोनों पक्षों में समझौता हुआ, जिसमें पैसे देने की बात कही। आरोप है कि कुंडू ने पूरे पैसे नहीं दिए। जबकि कुंडू का कहना है कि शिकायतकर्ता को उसे कोई पैसा नहीं देना।
पूर्व मंत्री धनखड़ के सर्टिफिकेट की भी जरूरत नहीं: कुंडू
विधायक कुंडू का कहना है कि पुलिस ने बिना जांच पड़ताल के गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। अगर वे दोषी हैं तो उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दें। मैं तो अपना झोला लेकर आया हूं। कुंडू के साथ महम हलके से आए करीब 400 समर्थक बोले अगर विधायक जेल भेजे जाएंगे तो वे भी जाएंगे।
कई घंटे तक थाने के बाहर हंगामा होता रहा। कुंडू ने ग्रोवर के साथ-साथ पूर्व मंत्री ओपी धनखड़ को भी निशाने पर लिया। आरोप लगाया कि प्रदेश में कृषि मंत्री रहते कुंडू ने सात प्रदर्शनी लगवाई। इसके लिए अपने भांजे की तरफ से टेंट लगवाए, जिसके लिए लाखों रुपये का भुगतान किया गया है। अब धनखड़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए ग्रोवर को क्लीन चिट दे रहे हैं।
उनको धनखड़ के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। अब सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो जब हाथ में पावर आएगी, तब अपना डंडा चलाऊंगा। आखिर में कुंडू ने एसपी से कहा कि 20 जनवरी को वे विधानसभा सत्र में भाग लेने चंडीगढ़ जाएंगे। 21 व 22 को पुलिस अपनी जांच पूरी कर ले। नहीं तो 23 जनवरी को वे खुद थाने में आएंगे। उस दिन तक पुलिस एफआईआर रद्द करे या उसे गिरफ्तार करे।
महम विधायक बलराज कुंडू जब जिला परिषद के चेयरमैन थे, तब महम क्षेत्र समेत दूसरे जगहों पर निमंत्रण देते थे। कुंडू जो भी मांग रखते थे या रखवाते थे, उन्हें ईमानदारी से पूरा करवाने की कोशिश की। लेकिन एकाएक ऐसे आरोप लगा रहे हैं, जिनका उनसे दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। धनखड़ बंधु बलराज कुंडू के पुराने बिजनेस पार्टनर हैं और इनका आपस का लेनदेन का मामला है।
पहले पूर्व कृषि मंत्री धनखड़, पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी और शमशेर खरकड़ा पर आरोप लगाते थे। अब मुझ पर आरोप लगा रहे हैं। कुंडू के खिलाफ जिस लेनदेन का मामला दर्ज हुआ है, उस गरीब आदमी के साथ हिसाब किताब का लेनदेन पूरा करें। अगर बलराज अपनी जगह ठीक हैं तो उन्हें घबराहट किस बात की है। वे जनता को बताएं कि वे थोड़े से समय में साढ़े 7 हजार करोड़ की संपत्ति के मालिक कैसे बन गए। - मनीष ग्रोवर, पूर्व सहकारिता मंत्री
हस्ताक्षरों की होगी लैब में जांच: डीएसपी
डीएसपी मुख्यालय गोरखपाल राणा ने बताया कि पुलिस ने महम विधायक के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। धनखड़ बंधुओं का आरोप है कि जिस शपथ पत्र में बलराज कुंडू को क्लीन चिट दी गई है, उस पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। सोमवार को शिकायतकर्ता को बुलाया गया है, जिनके हस्ताक्षरों व शपथ पत्र किए गए हस्ताक्षरों को जांच के लिए मधुबन लैब में भेजा जाएगा।