जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह ने इसके बाद बबली को नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि बबली को मर्यादा में रहकर बात करनी चाहिए। सभी परिवार के सदस्य हैं उनके इस तरह के व्यवहार को उचित नहीं माना जा सकता। सालों से देवीलाल परिवार की तपस्या और परिवार की विरासत के कारण दुष्यंत चौटाला नेता बने हैं। दुष्यंत अपनी क्षमता के बलबूते सरकार में डिप्टी सीएम बने हैं। डॉ. अजय चौटाला और दुष्यंत चौटाला हमारे नेता हैं, वे ही बबली के मामले में संज्ञान लेंगे।
याद रहे कि बबली पूर्व में कांग्रेस नेता थे। टोहाना से बीते विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने पर उन्होंने जेजेपी का दामन थाम लिया था। बबली के बगावती तेवरों से पहले दादा गौतम अनेक बार तीखी बयानबाजी कर जेजेपी की मुश्किलें सदन के भीतर व बाहर बढ़ा चुके हैं।
दूसरे दलों के नेताओं ने जजपा का दामन थामा
जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला की मौजूदगी में प्रदेश के विभिन्न जिलों से दर्जनों लोगों ने अपने सैकड़ों समर्थकों सहित जेजेपी में शामिल होने की घोषणा की। इनमें तीन पूर्व विधानसभा उम्मीदवार, कांग्रेस-इनेलो के कई वरिष्ठ नेता, पूर्व सैनिक, पार्षद, पूर्व पार्षद, सरपंच, पूर्व सरपंच आदि शामिल थे। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सरदार निशान सिंह, वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह चौटाला, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के विशेष सहायक महेश चौहान आदि मौजूद रहे।
चंडीगढ़ स्थित जेजेपी के प्रदेश कार्यालय में डॉ. अजय सिंह चौटाला की मौजूदगी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं वर्ष 2009 में नांगल चौधरी से निर्दलीय उम्मीदवार रह चुके अभिमन्यु राव जेजेपी में शामिल हुए। अभिमन्यु ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय संयोजक के पद के अलावा राजस्थान समेत अन्य कई राज्यों में कांग्रेस में ओबीसी विभाग के प्रभारी रह चुके हैं। वहीं कांग्रेस को एक और झटका देते हुए कांग्रेस ओबीसी विभाग में प्रदेश महासचिव के पद पर रह चुके योगेश कुमार भी जेजेपी में शामिल हुए।
रेवाड़ी जिले से जेजेपी में शामिल होने वाले में से कोसली हलके से पूर्व पार्षद एवं पूर्व इनेलो प्रत्याशी किरणपाल यादव, रेवाड़ी बार एसोसिएशन के छह बार प्रधान रह चुके रविंद्र यादव, वार्ड नंबर 22 के ब्लॉक समिति सदस्य भूपेंद्र यादव, वार्ड नंबर 19 के ब्लॉक समिति सदस्य राकेश यादव, पूर्व चेयरमैन ब्लॉक समिति हीरालाल, पूर्व सरपंच गोकलपुर अनिल आदि शमिल हुए।