फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: जमीनों की खरीद-फरोख्त में हुआ भ्रष्टाचार, सरकार ने रजिस्ट्रियों पर लगाई रोक

Wed, 22 Jul 2020 10:16 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • सरकार ने भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने पर 17 अगस्त तक रोकी रजिस्ट्रियां
  • मौजूदा सिस्टम भी नहीं रोक पाया भ्रष्टाचार, कोरोना के दौरान खूब हुई गड़बड़ियां
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा की तहसीलों में कोरोना के दौरान जमीनों की खरीद फरोख्त में जमकर भ्रष्टाचार हुआ। बड़े पैमाने पर शिकायतें सरकार तक पहुंची तो सब सन्न रह गए। सरकार ने मामला भ्रष्टाचार का होने पर 22 जुलाई को तुरंत प्रभाव से जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन ने यह आदेश जारी किए हैं। आदेशानुसार 17 अगस्त तक जमीन खरीदने, बेचने व ट्रांसफर करने की रजिस्ट्रियां नहीं होंगी।

विज्ञापन


भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के मद्देनजर सरकार ने यह कदम उठाया है। रजिस्ट्रियों का नया सिस्टम प्रौद्योगिकी और डाटा आधारित होगा। चूंकि, वर्तमान सिस्टम रजिस्ट्रियों में होने वाले भ्रष्टाचार को नहीं रोक पाया। विजय वर्धन ने रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 (1908 का 16) के तहत अल्प अवधि के लिए भूमि हस्तांतरण से संबंधित विलेख (डीड) के पंजीकरण पर अस्थायी रूप से रोक लगाने का पत्र जारी किया है। 

उन्होंने बताया कि सरकार ने भूमि हस्तांतरण के पंजीकरण के मौजूदा तंत्र में भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर कड़ा संज्ञान लिया है। निर्णय के अनुसार राज्य में उप-पंजीयक, संयुक्त उप-पंजीयक 22 जुलाई से 29 जुलाई 2020 तक खंड 6 में निर्दिष्ट के अलावा जमीन हस्तांतरण के विलेख का पंजीकरण नहीं करेंगे। खंड (2) और (3) में निर्दिष्ट भूमि के संबंध में पंजीकरण की अनुमति 30 जुलाई 2020 से दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

शहरों में नगर निगम सीमा के भीतर स्थित नियंत्रित क्षेत्र से संबंधित भूमि हस्तांतरण के विलेख की रजिस्ट्री 22 जुलाई से 5 अगस्त 2020 तक नहीं की जाएंगी। शहरी क्षेत्रों के वे गांव जहां जमाबंदी वर्तमान में ऑफलाइन हैं, और वेब-हैलरिस पर उपलब्ध नहीं हैं, वहां रजिस्ट्री 15 अगस्त 2020 तक नहीं होंगी।

ई-अपॉइंटमेंट रद्द, चालान की वैधता 30 दिन बढ़ेगी
विजय वर्धन ने स्पष्ट किया है कि सभी ई-अपॉइंटमेंट तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। नई तारीखें प्राथमिकता के आधार पर दी जाएंगी। इन मामलों में जहां ई-स्टांप चालान (जीआरएन) सृजित किए गए हैं, उनकी वैद्यता 180 दिनों की है, जो 22 जुलाई से 17 अगस्त 2020 के बीच समाप्त हो रही है। ऐसे चालानों की वैधता 30 दिन बढ़ाई जाएगी।

22 जुलाई से पहले तय जमीन सौदों की होगी रजिस्ट्री
विजय वर्धन ने बताया कि 22 जुलाई 2020 से पहले जिन खरीदार और विक्रेता के बीच भूमि हस्तांतरण के लिए बिक्री समझौते हो चुके हैं, उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। समझौते के नियम और शर्तों के अनुसार ऐसे समझौतों को 22 जुलाई से 15 अगस्त, 2020 के बीच पंजीकृत होना था, इस स्थिति में उप-रजिस्ट्रार, संयुक्त उप-रजिस्ट्रार प्रत्येक व्यक्तिगत मामले में संबंधित जिले के रजिस्ट्रार की लिखित रूप से पूर्व स्वीकृति के साथ रजिस्ट्री की अनुमति दे सकते हैं। सभी डीसी-सह-रजिस्ट्रार, तहसीलदारों-सह-उप-रजिस्ट्रार, नायब-तहसीलदार, संयुक्त उप-रजिस्ट्रार को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें