हरियाणा में कई दिनों से चल रहा सीआईडी को लेकर विवाद आज समाप्त हो गया। सीआईडी एसपी राजेश कालिया ने गृह मंत्री अनिल विज को ब्रीफिंग शुरू कर दी है लेकिन सीआईडी चीफ को लेकर जो पत्र अनिल विज ने लिखा है वह यथावत रहेगा। उस पर कार्रवाई का इंतजार उन्हें रहेगा। हालांकि अब मुख्यमंत्री पर निर्भर करता है कि वे इस मामले में क्या संज्ञान लेंगे।
सीआईडी विवाद के साथ ही कई अन्य मुद्दों पर चल रहा विवाद भी समाप्त हो गया है। सरकार ने शहरी स्थानी निकाय से वी उमाशंकर का तबादला कर दिया है। विज की इच्छा को देखते हुए ही उमाशंकर का तबादला किया गया है। इसके साथ ही नेशनल हेल्थ मिशन को नया निदेशक मिल गया है। अनिल विज काफी समय से कह रहे थे कि उनके विभाग में निदेशक नहीं है।
अब हरियाणा में डॉक्टर भर्ती जल्द होने की उम्मीद बढ़ गई है। इस मामले में भर्ती प्रक्रिया पर उंगली उठाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। जबकि सरकार डॉक्टरों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर चुकी थी। अब यह प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद बंध गई है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही पुरानी प्रकिया के आधार पर फिर से विज्ञापन जारी कर पदों पर साक्षात्कार शुरू किए जाएंगे।
सीआईडी चीफ का क्या होगा
सीआईडी पर विवाद थम गया है लेकिन सीआईडी चीफ को लेकर विवाद था वह अभी नहीं थमा है। सीआईडी चीफ को चार्जशीट करने को लेकर जो पत्र विज ने लिखा था। उस पर उनका कहना है कि जो गोली बंदूक से निकल गई वह निकल गई। अब वह गोली वापस नहीं आएगी। यह पत्र को रिकार्ड में आ चुका है। अब देखते हैं कि इस पर आगे क्या होगा।
सीआईडी होम का पार्ट
यह पूछने पर कि सीआईडी होम के पास है कि सीएम के पास विज ने कहा सीआईडी तो होम के पास है लेकिन मुख्यमंत्री मालिक हैं वे किसी भी विभाग से कोई भी जानकारी ले सकते हैं। मसलन सीआईडी की रिपोर्टिंग तो सीएम को होती रहेगी। साथ-साथ विज को भी ब्रीफिंग होती रहेगी। यह ब्रीफिंग एसपी स्तर का एक अधिकारी रोजाना करेगा।