हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। मानसून सत्र 25 अगस्त से शुरू होगा। इसकी अवधि कितनी होगी, इसका विधिवत निर्णय हरियाणा विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लिया जाएगा। हालांकि इस बार सत्र की अवधि तीन दिन रहने की उम्मीद है।
इस बार विधानसभा के मानसून सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं। नूंह हिंसा और मोनू मानेसर के मुद्दे पर विपक्ष पूरी तरह से सरकार पर हमलावर रहेगा। प्रदेश की कानून व्यवस्था को विपक्ष बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश में है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर चले भड़काऊ पोस्टों पर रोक न लगने और बाढ़ के बाद बने हालातों को भी सदन उठाया जा सकता है।
बाढ़ से हुए नुकसान और पानी निकलने में देरी पर विपक्ष सदन में सवाल पूछेगा। कांग्रेस व इनेलो का कहना है कि सरकार ने मानसून से पहले बाढ़ की रोकथाम की सही से तैयारी नहीं की थी। विपक्ष मुआवजा बढ़ाने की भी बात कर रहा है।
सीईटी समेत नौकरियों के मुद्दे पर भी विपक्ष सरकार से सवाल पूछ सकता है। वहीं, सरकार भी विपक्ष को जवाब देने की पूरी तैयारी के साथ सत्र में आएगी। सरकार की ओर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खुद विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब देंगे। इसमें उनका साथ उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और गृह मंत्री अनिल विज देंगे।