हरियाणा सरकार ने राज्य के प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव प्रदीप कासनी को किनारे कर दिया है। उनके विभाग का अतिरिक्त कार्यभार आईएएस अधिकारी आशेक सांगवान को दिया है।
जबकि सांगवान के पास अपने महकमे के अलावा अन्य महकमों का भी चार्ज है। सांगवान को सरकार ने प्रशासनिक सुधार का विशेष सचिव लगाया है।
देर शाम निकले स्थानांतरण आदेश में सरकार ने प्रदीप कासनी, सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग को प्रशासक काडा, पंचकूला तथा परियोजना निदेशक, हरियाणा एड्स नियंत्रण सोसाइटी, पंचकूला का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।
राज्यपाल को जवाब देने का रास्ता साफ
कासनी भले ही इस मामले में खुल कर सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। कासनी को प्रशासनिक सुधार विभाग से किनारे लगा कर सरकार ने राज्यपाल को जवाब देने का रास्ता साफ कर लिया है।
कासनी ने विभिन्न आयोगों में की गई नियुक्तियों को लेकर सरकार के सामने सामने सवाल खड़ा कर दिया था। इसके बाद यह मामला हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी तक पहुंचा। सोलंकी ने मामले में संज्ञान लेते हुए सरकार से जवाब मांग लिया है।
मामले में ये फंस रहा था तकनीकी पेच
इस पूरे मामले में तकनीकी पेच यह फंस रहा था कि सरकार को जवाब देने के लिए प्रशासकीय सुधार विभाग के पास फाइल भेजनी पड़ती। कासनी इस महकमे के सबसे वरिष्ठ अधिकारी थे।
पूर्व मुख्य सचिव एससी चौधरी के रिटायर होने और सेवा के अधिकार आयोग के चीफ कमिश्नर के तौर पर शपथ लेने के बाद कासनी ही सबसे वरिष्ठ अधिकारी थे जो इस मामले से सरकार की दिक्कतों का हल कर सकते थे, लेकिन उनके अड़ियल रवैये को देखते हुए सरकार को यह उम्मीद नहीं थी कि वे सरकार को बचाने का काम करेंगे।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक यह भी संभव था कि यह फाइल कासनी के पास जाती तो उस पर वे कोई और टिप्पणी कर सकते थे। फिलहाल सरकार के कुछ करीबी अधिकारियों ने कासनी से इस मामले का हल निकालने का रास्ता जरूर पूछा था।